अब ‘MRI’ से नहीं बच पाएंगे बिजली चोर! Prayagraj में बिजली विभाग का हाईटेक हथियार बना चौंकाने वाली मुसीबत

अब 'MRI' से नहीं बच पाएंगे बिजली चोर! Prayagraj में बिजली विभाग का हाईटेक हथियार बना चौंकाने वाली मुसीबत

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अब 'MRI' से नहीं बच पाएंगे बिजली चोर! Prayagraj में बिजली विभाग का हाईटेक हथियार बना चौंकाने वाली मुसीबत
अब 'MRI' से नहीं बच पाएंगे बिजली चोर! Prayagraj में बिजली विभाग का हाईटेक हथियार बना चौंकाने वाली मुसीबत

Prayagraj में बिजली चोरों की अब खैर नहीं, क्योंकि बिजली विभाग ने ‘MRI’ नाम की एक ऐसी तकनीक अपनाई है जो बिजली चोरी की हर चाल को बेनकाब कर रही है। आमतौर पर MRI शब्द सुनते ही अस्पताल और गंभीर बीमारियों का ख्याल आता है, लेकिन अब Uttar Pradesh में इसका मतलब है – ‘मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट’। इस नई तकनीक ने चोरों की नींद उड़ा दी है।

बिजली विभाग इस डिवाइस से मीटर की रीडिंग और उसमें हुई छेड़छाड़ को पकड़ रहा है। खास बात ये है कि ये डिवाइस सिर्फ मीटर को स्कैन करती है और बता देती है कि उसमें कोई गड़बड़ी की गई है या नहीं। करेली, बमरौली और धूमनगंज जैसे इलाकों में यह हथियार बड़े पैमाने पर चोरी पकड़ने में काम आया है।

विभाग के अफसरों का कहना है कि जिन मीटरों में गड़बड़ी मिली है, वहां तगड़ा जुर्माना लगाया गया है और अवैध कनेक्शन हटाए गए हैं। SDO राजवीर सिंह के मुताबिक, MRI से चोरों की पहचान भी हो रही है और उन पर तुरंत कार्रवाई भी की जा रही है।

स्थानीय लोग भी इस मुहिम का समर्थन कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जो लोग चोरी करते हैं, उनकी वजह से ईमानदार ग्राहकों को ज्यादा बिल भरना पड़ता है।

अब यह तकनीक जिलेभर में लागू की जा रही है ताकि बिजली तंत्र को पारदर्शी और मजबूत बनाया जा सके। साफ है, जो अब तक मीटर से खेलते थे, अब ‘MRI’ के निशाने पर आ गए हैं।

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