28.1 C
Delhi
Sunday, August 31, 2025

India से तनाव के बीच वीरान हुआ PoK, डर से खाली हुए होटल, लोग पलायन को मजबूर

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को गहरी दहशत में डाल दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत की आक्रामक रणनीतिक तैयारियों ने पाकिस्तानी हुकूमत और आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बिना कोई गोली चले ही PoK का माहौल युद्ध जैसी स्थिति का अनुभव कर रहा है। भारत की ओर से कोई सैन्य कार्रवाई नहीं हुई, फिर भी घाटी में लोग राशन जमा कर रहे हैं, मदरसों को बंद कर दिया गया है और पर्यटक इस क्षेत्र से पूरी तरह गायब हो गए हैं।

नीलम घाटी में सन्नाटा, पर्यटन उद्योग ध्वस्त

हर साल गर्मियों में हजारों पर्यटक PoK की नीलम घाटी की खूबसूरती देखने आते हैं, लेकिन इस बार घाटी वीरान है। नियंत्रण रेखा से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह इलाका भारत-पाक के बीच तनातनी का पहला निशाना बन सकता है। इसी डर के चलते पर्यटकों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। होटल खाली पड़े हैं और पर्यटन से जुड़े सैकड़ों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। होटल संचालकों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई बंदी आदेश नहीं मिला है, लेकिन युद्ध की आशंका ने ही पूरा इलाका ठप कर दिया है।

पर्यटन ही नहीं, बाकी व्यवसाय भी इसकी चपेट में हैं। चकोठी जैसे सीमावर्ती शहरों में दुकानें खुली जरूर हैं, लेकिन ग्राहक नहीं हैं। बाजारों में सन्नाटा पसरा है और व्यापारी भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पहले भी संघर्ष के दौर देखे हैं, लेकिन इस बार का डर कुछ अलग है। लोगों को बंकर बनाने या सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है, जिससे लोगों में बेचैनी और बढ़ गई है।

पलायन की शुरुआत, आम नागरिकों में डर का माहौल

रिपोर्ट्स के अनुसार, नियंत्रण रेखा के नजदीक बसे कई गांवों से लोग अपने परिवारों के साथ सुरक्षित इलाकों की ओर जा रहे हैं। खासतौर पर महिलाएं और बच्चे अब इस इलाके को छोड़ने लगे हैं। लोगों को पुराने दौर की यादें सताने लगी हैं, जब भारी गोलीबारी के दौरान जान बचाना मुश्किल हो गया था। चकोठी की निवासी सैका नसीर कहती हैं कि उन्हें अपने बचपन की वही डरावनी रातें याद आने लगी हैं और अब एक मां के रूप में यह भय और भी बढ़ गया है।

पाकिस्तानी प्रशासन ने फिलहाल सार्वजनिक रूप से किसी भी संकट की स्थिति को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है। न सिर्फ सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि धार्मिक गतिविधियां और स्कूल-कॉलेज भी बंद होने की कगार पर हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि अधिकतर घरों में अब बंकर जैसी कोई संरचना मौजूद नहीं है।

भारत की ओर से कोई प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई नहीं होने के बावजूद, वहां की तैयारियों और कूटनीतिक संकेतों ने पाकिस्तान को मानसिक रूप से पस्त कर दिया है। PoK में फैला यह डर इस बात का सबूत है कि कभी-कभी खामोशी भी सबसे बड़ी रणनीति बन जाती है। भारत की मौन आक्रामकता ने पाकिस्तान को इस कदर झकझोर दिया है कि वह खुद ही अपने संवेदनशील इलाकों को खाली करने पर मजबूर हो गया है।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!