रामगढ़: रामगढ़ के गुडविल मिशन स्कूल में हुई एक दुखद घटना में चार बच्चों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में मातम छा गया है। यह हादसा उस समय हुआ जब जिले में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के चलते सरकार ने सभी स्कूलों को 13 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया था। बावजूद इसके, स्कूल प्रबंधन ने सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए स्कूल खोला रखा, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
हादसे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर क्यों स्कूल प्रबंधन ने सरकार के आदेश का पालन नहीं किया। क्या यह स्कूल प्रशासन की लापरवाही थी या फिर अन्य किसी कारणवश स्कूल खोला गया था? इस मुद्दे पर प्रशासन और जनता के बीच गहरी नाराजगी है, और अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करे।
रामगढ़ के जिलाधिकारी (डीसी) ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सरकार और स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों को और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी। इसके अलावा, क्या स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे इस तरह के आदेशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके?
यह हादसा एक चेतावनी के रूप में सामने आया है, जिससे यह जरूरी हो गया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और स्कूलों की जिम्मेदारी को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए।
