प्रयागराज में माघी पूर्णिमा से पहले भारी भीड़ के कारण भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें हज़ारों श्रद्धालु करीब 30 घंटे तक फंसे रहे। इस अप्रत्याशित स्थिति के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए महाकुंभ क्षेत्र को पूरी तरह से नो व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया है। हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, माघी पूर्णिमा के स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालु लगभग 300 किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार ने कहा कि ट्रैफिक में देरी प्रबंधन की कमी नहीं बल्कि महाकुंभ के दौरान आने वाली विशाल भीड़ का परिणाम है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ इस समय इतिहास में मानवता का सबसे बड़ा समागम बन गया है, जिसमें अब तक 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं और हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं।
प्रशासन ने इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। 11 फरवरी, 2025 को सुबह 4:00 बजे से पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया जाएगा, जिसमें केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को छूट दी जाएगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में ही खड़े किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, 11 फरवरी को शाम 5:00 बजे के बाद प्रयागराज शहर के अंदर भी नो व्हीकल ज़ोन लागू होगा। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि 12 फरवरी को मेला क्षेत्र से श्रद्धालुओं का सुरक्षित और सुचारू निकास सुनिश्चित नहीं हो जाता।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रतिबंध ‘कल्पवासी’ के वाहनों पर भी लागू होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें ताकि उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।
