सरकारी अफसरों का घूस लेना या छापे में उनके घर लाखों करोड़ो रुपए बरामद होना कोई नयी बात नहीं है। बिहार का शिक्षा विभाग हमेशा किसी न किसी घोटाले को लेकर खबरों में बना रेहता है। एक बार फिर वहीं से खबर आ रही है जहां बिहार के बेतिया जिले का जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के घर पर विजिलेंसे की टीम ने आज सुबह छापा मारा। जिसके बाद उनके होश उड़ गए।
DEO के घर पर नोटों की गड्डियों से भरे दो बेड मिले। पटना से आई विजिलेंसे टीम ने सुबह से ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी और पूछताछ में लगी है। नोटों की गड्डियाँ इतनी ज़्यादा थी की उन्हें गिनने के लिए मशीन मँगवाई गयी।
रजनीकान्त प्रवीण बेतिया में पिछले 3 सालों से DEO के पद पर तैनात हैं।
रजनीकांत के वसंत विहार स्थित आवास पर पुलिस बल के साथ साथ विजिलेंस की पूरी टीम छानबीन कर रही है। DEO पर भ्रष्टाचार की कई शिकायतें दर्ज होने के बाद ये कार्रवाई की गई। जिसके बाद ये सारा मामला सामने आया।
पहले छापे में सब सामने आने के बाद अब DEO के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। हालांकि, बरामद की गई नकद राशि की कुल रकम का खुलासा अब तक नहीं किया गया है और अधिकारी भी इस मामले पर कुछ बयान देने से अभी कतरा रहे हैं।
#WATCH | West Champaran, Bihar | Vigilance Department conducts raid at residence of District Education Officer Rajnikant Praveen in Bettiah, in an alleged disproportionate assets case
“Rajnikant Praveen presently posted as District Education Officer, Bettiah (West Champaran)… pic.twitter.com/zlXSRYxvys
— ANI (@ANI) January 23, 2025
हाल के दिनों में शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कई डीईओ और अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। नए अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने स्कूलों में बेंच-डेस्क की खरीदारी में हुई गड़बड़ियों पर सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले किशनगंज और पूर्वी चंपारण जिलों में भी डीईओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। यह घटना शिक्षा विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने कहा, “वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी, बेतिया (पश्चिम चंपारण) के पद पर तैनात रजनीकांत प्रवीण ने 2005 से अब तक की अवधि के दौरान अवैध रूप से आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 1,87,23,625 रुपये की भारी चल और अचल संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी आय के वैध स्रोत से अधिक है।”
