भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अमेरिका की नजर, शांति की अपील की

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Pakistan ने फिर किया धोखा, LOC पर बरसाईं गोलियां, India ने दिया करारा जवाब
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भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव की स्थिति बन गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में आक्रोश है, वहीं पाकिस्तान इस बात को लेकर खौफ में है कि भारत अगला कदम क्या उठाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब अमेरिका की एंट्री हो चुकी है। अमेरिका ने इस मामले में भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों से बातचीत की है और तनाव को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की अपील की है।

पहलगाम हमले के बाद बदला माहौल

पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को हिला देने वाली घटना बन गया है। इस हमले में कई भारतीय सुरक्षाबलों की जान गई, जिसके बाद भारत की ओर से कड़े बयान सामने आए। सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से जोड़ रही हैं। ऐसे में भारत की जनता और राजनीतिक नेतृत्व, दोनों ही तीखी प्रतिक्रिया की मांग कर रहे हैं।

पाकिस्तान में चिंता का माहौल

भारत की संभावित कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान सरकार ने अपने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन पाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।

अमेरिका की सक्रियता

ऐसे संवेदनशील समय में अमेरिका ने एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक बयान में बताया कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के संपर्क में है और बातचीत के जरिए तनाव कम करने की अपील कर रहा है।

टैमी ब्रूस ने कहा, “अमेरिका दोनों देशों के संपर्क में है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने मुझे इस बारे में एक नोट भी दिया है। इसलिए हम कश्मीर की स्थिति के विषय में भारत और पाकिस्तान से संपर्क कर रहे हैं।’’

कूटनीतिक प्रयासों में तेजी

अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि विदेश मंत्री निकट भविष्य में भारत और पाकिस्तान दोनों के विदेश मंत्रियों से सीधे संवाद करेंगे। अमेरिका का मानना है कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट का स्थायी हल हो सकती है। ब्रूस ने कहा कि अमेरिका अन्य देशों को भी इस दिशा में कदम उठाने और मध्यस्थता की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “हम उस क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं और जैसा कि आप जानते हैं, हम भारत और पाकिस्तान की सरकारों के साथ कई स्तरों पर संपर्क में हैं। हम निश्चित रूप से सभी पक्षों को जानकर एक सही समाधान के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। दुनिया इस पर नजर रख रही है।’’

वैश्विक चिंता का विषय

भारत और पाकिस्तान, दोनों ही परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य टकराव न केवल दक्षिण एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अमेरिका के अलावा रूस, फ्रांस और ब्रिटेन भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी संयम बरतने की अपील की है।

भारत की स्थिति स्पष्ट

भारत ने अभी तक कोई सैन्य कदम नहीं उठाया है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सभी विकल्प खुले हैं। भारत सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की योजना बना रही है। साथ ही सेना को भी हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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