Karachi Bakery एक बार फिर विवादों में आ गई है। रविवार को Hyderabad में कुछ लोगों ने इसके शमशाबाद वाले आउटलेट पर हंगामा कर दिया। करीब 10 से 15 लोग तिरंगा और भगवा पट्टी लेकर दुकान के बाहर पहुंचे। उन्होंने “Pakistan मुर्दाबाद” के नारे लगाए और दुकान का नामबोर्ड डंडों से पीटा।
वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ लोग साइनबोर्ड को कपड़े से ढंकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दुकान के बाहर खड़े होकर विरोध किया और लोगों का रास्ता रोका। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन कुछ देर तक प्रदर्शन चलता रहा। बाद में पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। दुकान या कर्मचारियों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
Karachi Bakery के मालिक राजेश और हरीश रमानी ने साफ कहा कि यह एक भारतीय ब्रांड है। उनके दादा खांचंद रमानी ने इसे 1953 में शुरू किया था, जब वे बंटवारे के बाद भारत आए थे। उन्होंने कहा, “हमारा Pakistan से कोई संबंध नहीं है। हम पूरी तरह से भारतीय हैं। सरकार से अपील है कि हमारे ब्रांड को बचाया जाए।”
The vandalism of Karachi Bakery in Hyderabad by miscreants is a deplorable act of ignorance and incivility. The bakery, owned by the Khanchand Ramnani family, Sindhi Hindus who migrated to India post-Partition in 1947, is a symbol of resilience and heritage unjustly targeted. pic.twitter.com/wj2zorJQMq
— Āryā_Anvikṣā 🪷 (@Arya_Anviksha_) May 11, 2025
2019 में पुलवामा हमले के बाद भी बेकरी को ऐसे ही विरोध का सामना करना पड़ा था। तब भी लोगों ने नाम बदलने की मांग की थी।
Karachi Bakery 73 साल पुरानी है और मिठाइयों के लिए जानी जाती है। लेकिन अब इसका नाम ही विवाद का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग बेकरी को समर्थन भी दे रहे हैं और विरोध भी।
इस घटना के बाद बेकरी के बाहर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, मालिकों ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मदद की मांग की है।
Karachi Bakery का कहना है कि नाम नहीं बदलेगा। अब देखना है कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।
