Maharashtra सरकार ने आखिरकार बाइक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दे दी है, जिससे Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से इस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, और अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में ई-बाइक टैक्सी सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, सरकार ने इस पर कुछ अहम शर्तें भी लगाई हैं।
Maharashtra के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि किसी भी कंपनी को न्यूनतम 50 बाइक रखनी होंगी और यात्रा की अधिकतम सीमा 15 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि सिर्फ electric bike taxis को ही अनुमति दी गई है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि प्रदूषण भी कम रहेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस योजना से महाराष्ट्र में करीब 20,000 नौकरियां मिलेंगी, जिनमें से 10,000 नौकरियां सिर्फ मुंबई में उपलब्ध होंगी। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा और किराया संरचना को लेकर भी विशेष उपाय किए जाएंगे।
इससे पहले, महाराष्ट्र में bike taxis को मंजूरी मिलने में कई कानूनी अड़चनें आई थीं। 2022 में पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने Rapido को बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन जनवरी 2023 में कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि उचित लाइसेंस और नियमों का पालन जरूरी है। इसके बाद सरकार ने बाइक टैक्सियों के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने के लिए एक कमेटी गठित की।
हालांकि, इस प्रस्ताव का ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने जमकर विरोध किया। यूनियनों ने दलील दी कि बाइक टैक्सियों को पहले गैर-परिवहन वाहनों की श्रेणी में रखा गया था, जिससे इन्हें काली-पीली टैक्सियों और ऑटो रिक्शों की तरह परमिट की जरूरत नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने सड़क सुरक्षा और सवारी की भलाई को लेकर भी चिंता जताई। खासतौर पर पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सियों को लेकर वायु और ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे उठाए गए।
विरोध के बावजूद, जून 2024 में तत्कालीन Chief Minister Eknath Shinde की सरकार ने बाइक टैक्सियों को मंजूरी दे दी थी। लेकिन अब जाकर कैबिनेट ने आधिकारिक मुहर लगाई है, जिससे यह सेवा आखिरकार महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हो गई है।
