Switzerland के Davos में 16 जनवरी से शुरू हुआ विश्व आर्थिक मंच (WEF) का शिखर सम्मेलन 20 जनवरी तक चलेगा। इस सम्मेलन में 130 देशों के 2700 नेता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 52 देशों के प्रमुख भी शामिल हैं। इस बार के शिखर सम्मेलन में दुनिया की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण मुद्दों में जलवायु परिवर्तन और रूस-यूक्रेन युद्ध प्रमुख रूप से चर्चा का विषय होंगे। कोविड-19 महामारी के कारण दो साल बाद यह बैठक आयोजित हो रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
विश्व आर्थिक मंच क्या है?
विश्व आर्थिक मंच (WEF) एक गैरलाभकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के प्रमुख नेताओं और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर वैश्विक मुद्दों पर विचार विमर्श करना है। इसकी स्थापना 1971 में स्विस जर्मन अर्थशास्त्री क्लॉस श्वाब ने की थी। WEF का मकसद है कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के लोग मिलकर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करें, जिससे वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय की जा सके। शुरुआत में इसे यूरोपीय प्रबंधन मंच के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1987 में इसका नाम बदलकर विश्व आर्थिक मंच रखा गया।

दावोस का महत्व
WEF का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा के पास स्थित है, लेकिन इसका शिखर सम्मेलन हर साल दावोस में आयोजित होता है। यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा, एक नॉवेल के कारण भी प्रसिद्ध है, जिसके बाद WEF ने इस स्थान को हर साल के सम्मेलन के लिए चुना। दावोस में होने वाली इस बैठक में नेताओं के बीच लंबी चर्चाएं होती हैं, जहां द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार किया जाता है।
इस साल की थीम और प्रमुख नेता
इस साल की WEF बैठक की थीम “संधारणीय वृद्धि और साझा सम्पन्नता के लिए सहयोग” रखी गई है। सम्मेलन में स्विस सेना के 5000 सैनिक सुरक्षा में तैनात हैं। इस शिखर सम्मेलन में जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज, अमेरिका के जेपी मोर्गन के जैमी डिमोन, गोलमैन साक्स के डेविड सोलोमोन, और मोर्गन स्टेनली के जेम्स गोरमैन जैसे प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल होंगे।
हालांकि, रूस का कोई प्रतिनिधि इस बार सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है, लेकिन यूक्रेन की प्रथम महिला ओलीना जेलेंस्का सम्मेलन में भाग ले रही हैं। इसके अलावा, इंटरनेशनल मोनिटरी फंड, नाटो के महासचिव, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष और चीनी उपराष्ट्रपति भी इसमें शामिल होंगे।
विश्व आर्थिक मंच की यह बैठक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और समाधान खोजने के लिए एक अहम अवसर साबित होगी।
