अगर साल 1947 में India का बंटवारा न हुआ होता, तो आज India दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश होता। Pew Research की रिपोर्ट के अनुसार, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की कुल मुस्लिम आबादी जोड़ दें तो यह संख्या 52 करोड़ के पार है, और अनुमान है कि साल 2060 तक यह आंकड़ा 80 करोड़ तक पहुंच सकता था।
आज की तारीख में Pakistan और Bangladesh मुस्लिम बहुल देश हैं, लेकिन संख्या की बात करें तो भारत में सबसे ज्यादा मुसलमान रहते हैं। India में करीब 19 करोड़ 48 लाख मुस्लिम हैं, पाकिस्तान में 18 करोड़ 40 लाख और बांग्लादेश में 14 करोड़ 40 लाख। लेकिन अगर तीनों देश आज एक होते तो यह मुस्लिम जनसंख्या किसी भी देश से कई गुना ज्यादा होती।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2060 तक भारत की मुस्लिम आबादी 33 करोड़ से अधिक हो जाएगी, जबकि Pakistan और Bangladesh की आबादी क्रमशः 28 करोड़ और 18 करोड़ के पार पहुंचेगी। अगर ये तीनों देश एक होते, तो मुस्लिम जनसंख्या 80 करोड़ के आसपास होती, जो Indonesia को भी पीछे छोड़ देती।
बंटवारे ने सिर्फ ज़मीन नहीं बांटी, बल्कि जनसंख्या के समीकरण भी बदल दिए। आज India में मुस्लिम समुदाय अल्पसंख्यक है, लेकिन उनकी संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है। अगर इतिहास ने करवट न बदली होती, तो आज तस्वीर कुछ और होती।
