जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, रविवार (4 मई) को फिरोजपुर छावनी क्षेत्र में रात 9 से 9:30 बजे तक आधे घंटे का ब्लैकआउट अभ्यास किया गया। यह अभ्यास छावनी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारी के तहत किया गया, जिसमें बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी गई।
फिरोजपुर छावनी बोर्ड ने इस संबंध में जिला उपायुक्त दीपशिखा शर्मा को एक औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें अभ्यास के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट किया गया कि इस अभ्यास का उद्देश्य युद्ध या आपातकालीन स्थिति में ब्लैकआउट प्रक्रिया की प्रभावशीलता और प्रशासन की तैयारी को परखना है।
उपायुक्त ने किया लोगों से शांत रहने का अनुरोध
उपायुक्त दीपशिखा शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ब्लैकआउट अभ्यास किसी भी संभावित खतरे से निपटने की एक नियमित तैयारी का हिस्सा है और नागरिकों को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। छावनी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति केवल अभ्यास के समय यानी रात 9 से 9:30 बजे तक बंद रहेगी।”
सीमा पर सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ी
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गश्त में तेजी ला दी है। वहीं पंजाब पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर सभी रणनीतिक स्थानों पर चौकियां स्थापित कर दी हैं।
BSF और पुलिस की संयुक्त निगरानी
BSF के उप महानिरीक्षक हरमनबीर गिल ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां असामाजिक तत्वों, संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी से जुड़े मामलों पर गहराई से नजर रख रही हैं। “टोल बैरियर्स पर वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी लगातार निगरानी की जा रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
सामरिक दृष्टिकोण से अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ब्लैकआउट अभ्यास भारत की आंतरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ऐसे अभ्यास संभावित हवाई हमलों या आतंकी गतिविधियों के दौरान नागरिक और सैन्य क्षेत्र की तैयारियों को परखने का अवसर देते हैं।
इस अभ्यास ने न केवल स्थानीय प्रशासन की सतर्कता को रेखांकित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
