BCCI के नए नियम से जरा भी खुश नहीं हैं Virat Kohli, बोले- अकेले बैठकर उदास नहीं होना चाहता…

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli on BCCI New Rule Family Restriction) ने RCB इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कहा कि परिवारों की मौजदूगी काफी अहम होती हैं। उन्हें लगता है कि परिवार जब साथ होता है तो खिलाड़ियों के लिए संतुलन लाने में मदद होती हैं जो मैदान पर मुश्किल दौर से गुजर रहे होते हैं।

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Virat Kohli Angry With BCCI: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने बीसीसीआई के नए नियम (विदेशी दौरों में परिवार के साथ बिताए जाने वाले सम को कम कर दिया) इससे नाखुश है। 

उनका मानना है कि ऐसे फैसले लेने वाले लोगों को दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी दौरों पर मुश्किल दौर से गुजरते हैं तो परिवारों उनका सहारा बनता है। 36 साल के किंग कोहली हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे और उन्होंने टीम इंडिया की जीत में टूर्नामेंट में अहम योगदान दिया। 

Virat Kohli ने BCCI द्वारा बनाए गए नए फैमिली नियम पर जताई नाराजगी

दरअसल, विराट कोहली (Virat Kohli on BCCI’s Family Restriction Rule) ने RCB इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कहा कि परिवारों की मौजदूगी काफी अहम होती हैं। उन्हें लगता है कि परिवार जब साथ होता है तो खिलाड़ियों के लिए संतुलन लाने में मदद होती हैं, जो मैदान पर मुश्किल दौर से गुजर रहे होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को यह समझाना बहुत मुश्किल है कि हर बार जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो बहुत मुश्किल होता है, जो बाहर होता है, तो अपने परिवार के पास वापस आना कितना अच्छा होता है।

 

Kohli  ने क्या कहा?

“मुझे नहीं लगता कि ये लोग समझ पाते हैं कि बड़े पैमाने पर इसकी कीमत क्या है। ये बात मुझे काफी निराश करती है, क्योंकि ऐसा लगता है जिन लोगों को हालात पर कोई काबू नहीं हैं, उन्हें जबरदस्ती बातचीत में घसीटा जाता है और कहा जाता है कि इन्हें दूर रखा जाना चाहिए।”
कोहली ने साथ ही कहा कि अगर आप किसी खिलाड़ी से पूछोगे कि आप क्या चाहते हैं कि आपका परिवार हर समय आपके आस-पास रहे? तो जवाब मिलेगा हां। मैं कमरे में जाकर अकेले बैठकर उदास नहीं रहना चाहता। मैं सामान्या होना चाहता हूं। फिर आप अपने खेल को सही मायने में जिम्मेदारी के रूप में देख सकते हैं। आप इस जिम्मेदारी को पूरा करते हैं और आप जीवन में वापस आते हैं।

क्या है BCCI का फैमिली नियम?

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जब भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलने गई थी, तब उसे 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद बीसीसीआई ने सख्त नियम बनाए, जिसमें ये रहा कि प्लेयर्स पूरे टूर के दौरान परिवार और पत्नियों के साथ सफर नहीं कर सकेंगे।

ताकि उनके परफॉर्मेंस पर इसका असर न पड़े। 45 दिन से ज्यादा के टूर पर हो हफ्तों के बाद ही उनका परिवार शामिल हो सकेंगे और 14 दिनों से ज्यादा नहीं उनकी फैमिली रह सकेगी। छोटे टूर पर, परिवार एक हफ्त तक खिलाड़ी के साथ रह सकते हैं। अगर किसी प्लेयर को फैमिली के साथ या अगल से जर्नी करनी है तो हेड कोच और सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन से इसकी इजाजत लेनी होगी।

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