जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में निर्दोष पर्यटकों की जान जाने पर ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (APHC) के अध्यक्ष और कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे “मानवता की हत्या” करार देते हुए, बुधवार को कश्मीर बंद की अपील की है।
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, “जो कोई भी एक निर्दोष आत्मा को मारता है, ऐसा लगता है जैसे उसने पूरी मानवता को मार डाला है। कश्मीर के रक्त-रंजित इतिहास में यह नरसंहार का एक और दिन है, जब आने वाले पर्यटकों को सबसे भयानक तरीके से निर्दयतापूर्वक मार दिया गया। कश्मीर के लोग उस दर्द को भलीभांति समझते हैं, जिसे आज उन परिवारों ने महसूस किया जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया।”
उन्होंने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस्लाम ऐसा धर्म है जो शांति, सहिष्णुता और करुणा का संदेश देता है, और इस तरह की वीभत्स हिंसा न केवल इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है, बल्कि सभी मानवीय और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन भी है।
मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर की इस्लामी संस्था ‘मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा’ (MMU) के माध्यम से, मृतकों के शोकाकुल परिजनों के प्रति समर्थन और एकजुटता प्रकट की। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की कि वे बुधवार को शांतिपूर्ण कश्मीर बंद कर इस जघन्य हमले के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद करें।
बंद की अपील का उद्देश्य, मीरवाइज के अनुसार, हिंसा के खिलाफ एकजुटता दिखाना और यह स्पष्ट करना है कि कश्मीरी समाज किसी भी निर्दोष की हत्या को स्वीकार नहीं करता। यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका मकसद केवल इस घटना के खिलाफ विरोध और पीड़ितों के साथ संवेदना जताना है।
इस बीच, घाटी में बंद के मद्देनज़र प्रशासन सतर्क हो गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।

