Gurugram में 17 साल के एक छात्र ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% अंक आने के बाद अपनी सोसायटी की 15वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में साफ लिखा कि उसकी इस सोच के लिए उसके मम्मी-पापा की कोई गलती नहीं है, बल्कि उसकी मोबाइल की लत उसकी पढ़ाई में बाधा बनी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना Gurugram के सेक्टर 72 में हुई। छात्र के परिवार को उम्मीद थी कि वह 90% से ज्यादा अंक लाएगा, लेकिन 75% आने से वह बहुत दुखी था। उसने अपने कमरे में सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने कहा कि उसने ज्यादा मोबाइल देखा इसलिए नंबर कम आए। उसने मम्मी-पापा से माफी भी मांगी।
परिवार ने बताया कि वे कभी भी बच्चे पर दबाव नहीं डालते थे। अगर वह परेशान होता तो वे बात करते, लेकिन उसने किसी से कुछ नहीं कहा। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट बहुत मार्मिक था और उसने खुद को जिम्मेदार बताया।
पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और परिवार की मदद भी कर रही है। इस घटना ने इलाके में गहरा शोक फैलाया है।
यह घटना यह दर्शाती है कि पढ़ाई के दबाव और मोबाइल जैसी आदतें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना असर डालती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि माता-पिता को बच्चों की भावनाओं को समझना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।
इस दुखद खबर ने एक बार फिर सभी को चेताया है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है।