नई दिल्ली: बॉलीवुड की चमक-धमक भरी दुनिया से निकलकर आध्यात्मिक शांति की ओर कदम बढ़ाने वाली बरखा मदान ने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा किया और बौद्ध भिक्षु बन गईं। ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ फिल्म से 1996 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली बरखा ने अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बनाई थी। लेकिन 2012 में उन्होंने इस चकाचौंध भरी जिंदगी को छोड़ने का फैसला कर लिया।
फिल्मों में बनाई थी खास पहचान
बरखा मदान ने 2003 में राम गोपाल वर्मा की सुपरनेचुरल थ्रिलर ‘भूत’ में एक भूतनी का किरदार निभाया था, जिससे उन्हें खास पहचान मिली। फिल्म में अजय देवगन, उर्मिला मातोंडकर और नाना पाटेकर जैसे बड़े कलाकारों के बीच भी उनकी परफॉर्मेंस चर्चा में रही।
मॉडलिंग से की थी करियर की शुरुआत
पंजाबी परिवार में जन्मीं बरखा ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। 1994 में उन्होंने मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय जैसी प्रतिभाएं भी शामिल थीं। हालांकि वह मिस इंडिया का खिताब नहीं जीत सकीं, लेकिन मिस टूरिज्म इंटरनेशनल की रनर-अप बनीं।
दलाई लामा से प्रेरित होकर अपनाया बौद्ध धर्म
बरखा लंबे समय से दलाई लामा की अनुयायी रही हैं। बौद्ध धर्म और आध्यात्म से प्रभावित होकर उन्होंने जीवन को सरल बनाने का निर्णय लिया। अब वह ‘ग्याल्टेन सैमटेन’ के नाम से जानी जाती हैं और मठों में रहकर अपना समय साधना और सेवा में बिताती हैं।
सरल जीवन की ओर बढ़ाया कदम
एक इंटरव्यू में बरखा ने बताया, “अब मेरा जीवन बेहद सरल है। मेरे पास केवल दो जोड़ी वस्त्र, एक लैपटॉप, एक सेलफोन और एक सूटकेस में सारा सामान है। मुझे अब अधिक स्वतंत्रता का अनुभव होता है।”
आध्यात्मिकता से जुड़ने का संदेश
बरखा अपनी आध्यात्मिक यात्रा की झलकियां कभी-कभी सोशल मीडिया पर साझा करती हैं, जिससे उनके अनुयायी प्रेरित होते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जीवन में शांति और संतोष के लिए कभी-कभी चमकदार चीजों को छोड़ने का साहस करना पड़ता है।

