झांसी में गुरुवार को एक मामला सामने आया जिसमें एक बैंक कर्मचारि रिजाइन देने के नाम पर घर से निकला और ट्रेन के सामने आकर खुदकुशी कर ली जब मृतक के परिजनों को यह सूचना मिली तब वह बेसुध हो गए और उन लोगों ने बैंक के सीनियर अधिकारीयों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब मृतक योगेश काफी समय से परेशान था जिसके के बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठाया
योगेश काफी समय से चल रहा था परेशान
योगेश एक प्राइवेट बैंक में रिलेशनशिप ऑफीसर की जॉब करता था| योगेश के छोटे भाई संयोग ने जानकारी दी और गंभीर आरोप लगाते हुऐ बताया की करीब 6 महीने पहले एक कस्टमर ने अपने प्लाट पर लोन के लिए आवेदन किया था| इसके बाद सीनियर मैनेजर ने योगेश की आईडी पर फर्जी तरीके से 26 लाख रुपए का लोन पास कर दिया |जिसमें शर्त रखी गई कि दो साल में प्लाट पर मकान बनाना होगा जो कि कस्टमर को नहीं बताया गया और बात को घुमा कर सीनियर मैनेजर ने उसके भाई को फंसा दिया था जिससे वह काफी समय से परेशान चल रहा था और उसनें यह जानकारी अपने भाई मतलब संयोग को दी थी |
सरकारी बैंक SBI में हो गया था सिलेक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार योगेश का सिलेक्शन SBI बैंक में हो गया था और वह जल्द ही प्राइवेट बैंक में रिजाइन देने वाला था इसके साथ ही उसने 10 माह पहले शादी भी की थी और वह अपनी जिंदगी में बहुत खुश चल रहा था और अचानक ऐसा कदम उठाना परिजनों के लिये बहुत ही अचरज में डालने वाला हैँ
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
पुलिस अधीक्षक नगर रामवीर सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी की सदर बाजार में हंसारी रेलवे क्रॉसिंग के पास एक व्यक्ति प्रयागराज से झांसी की ओर आ रही ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर लिया है मौकास्थल पर पहुंचने पर पुलिस टीम को शव के टुकड़े ही प्राप्त हो पाए इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 27 वर्षीय योगेश दीक्षित पुत्र अरविंद दीक्षित के रूप में हुई वह हमीरपुर जिले के चाकसी थाना बिरहट गांव का रहने वाला था वर्तमान में वह झांसी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र में रह रहा था| मामले को संज्ञान में लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी|
इसके साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि योगेश बाइक से हंसारी रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचा था और बाइक खड़ी करके पटरी की तरफ चला गया था जहां 11:00 बजे प्रयागराज से चलकर झांसी स्टेशन जा रही महाकुंभ स्पेशल ट्रेन रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची थी और योगेश ट्रेन को देखकर पटरी पर कूद गया जिससे उसके शरीर के टुकड़े करीब 50 मीटर दूर तक बिखर गए थे
बैंक अधिकारीयों नें आरोपों को किया ख़ारिज
वही रीजनल मैनेजर ने परिवार के आरोपी को गलत बताते हुए जानकारी दी है कि प्राइवेट बैंक आईसीसी में हर डॉक्यूमेंट ई-साइन होते हैं |और वह साइन कस्टमर से कराए जाते हैं| कस्टमर प्रॉपर्टी पर EMI भरता है और सारी बातें उसकी जानकारी में भी थी |यह प्रि-अप्रूव का केस है. हमने लैंड लोन में केस किया था| मैनेजर ने यह भी जानकारी दी की योगेश काफी सीधा था हमारे पास करीब ढाई साल से काम कर रहा था और उसका सिलेक्शन एसबीआई में हो गया था.जिसकी जानकारी होने पर हमने उससे कहा कि जिस प्रकार तुमने यहां काम किया है ऐसे ही अच्छे से काम वहां पर भी करना और साथ में उसके उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी |और जब आज सुबह 9:50 पर उसे फोन किया और कहा कि बेटा क्लोजिंग का टाइम चल रहा है थोड़ा ऑफिस आ जाओ इस पर उसने कहा कि वह आज ही रिजाइन दे देगा इस पर मैंने उससे कहा कि रिजाइन कल कर देना तुम्हारी सैलरी भी आ जाएगी कल मैं रिलीफ कर दूंगा और क्योंकि क्लोजिंग का समय है मुझे ग्वालियर भी जाना है यह मामला मेरे संज्ञान में है और मैं यह बता रहा हूं वह इस केस को लेकर स्वयं को असहज महसूस करने लगा था।