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कॉमेडी पर संग्राम: Kunal Kamra के मज़ाक से भड़की Shiv Sena, Hansal Mehta ने खोला 25 साल पुराना जख्म

कॉमेडी पर संग्राम: Kunal Kamra के मज़ाक से भड़की Shiv Sena, Hansal Mehta ने खोला 25 साल पुराना जख्म

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कॉमेडी पर संग्राम: Kunal Kamra के मज़ाक से भड़की Shiv Sena, Hansal Mehta ने खोला 25 साल पुराना जख्म

मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन Kunal Kamra अपने ताज़ा शो में Deputy CM Eknath Shinde पर टिप्पणी करने के बाद विवादों में घिर गए हैं। इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि Shiv Sena कार्यकर्ताओं ने Mumbai के एक एंटरटेनमेंट वेन्यू ‘हैबिटेट’ में तोड़फोड़ कर दी। फिल्ममेकर Hnasal M ने इस घटना की निंदा करते हुए Kamra का समर्थन किया है और अपनी पुरानी आपबीती भी साझा की है।

हंसल मेहता, जो ‘शाहिद’, ‘सिटीलाइट्स’ और ‘स्कैम 1992’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें भी 25 साल पहले ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था, जब Shiv Sena के कार्यकर्ताओं ने उनके ऑफिस में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें एक फिल्म की एक लाइन के लिए जबरन माफ़ी मंगवाई गई थी और सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकी और हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।

Kamra ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने शब्दों के लिए माफ़ी नहीं मांगेंगे। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि एक एंटरटेनमेंट वेन्यू केवल एक मंच होता है, उसे किसी कलाकार की बातों के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है, भले ही वह सत्ता में बैठे लोगों के ख़िलाफ़ क्यों न हो।

Kamra ने Shiv Sena कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए तोड़फोड़ पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर उनके शब्दों को लेकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, तो फिर वेन्यू को नुक़सान पहुँचाने वालों पर भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतनी तेज़ी से तोड़फोड़ करनी ही थी, तो Mumbai के जर्जर हो चुके पुलों को गिराने में लगाते।

इस पूरे विवाद के बीच मुंबई पुलिस की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। जहां एक तरफ़ एक कॉमेडियन को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ़ सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वालों पर कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही। इस घटना ने फिर से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक दबाव पर बहस छेड़ दी है।

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