भारती एयरटेल, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी (ग्राहक संख्या के आधार पर), ने एक बड़ी मील का पत्थर तय करते हुए वैश्विक स्तर पर 65 करोड़ से अधिक ग्राहकों के आंकड़े को पार कर लिया है। भारत और अफ्रीका में अपनी मजबूत उपस्थिति के साथ कंपनी डिजिटल सेवाओं, उन्नत नेटवर्क और ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों के विस्तार पर लगातार निवेश कर रही है। एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने इस मील के पत्थर को “ग्राहकों की बेहतर सेवा करने की ज़िम्मेदारी” के रूप में देखा और कहा कि एयरटेल राज्य‑कला तकनीकों पर निवेश कर सुरक्षित और विश्वसनीय नेटवर्क देने की दिशा में काम कर रही है।
भारत में 5G और होम‑ब्रॉडबैंड पर जोर
भारत में एयरटेल करीब 36.8 करोड़ मोबाइल ग्राहकों को सेवा देती है और यह जियो के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी वायरलेस कंपनी है। कंपनी 5G‑प्लस सेवाओं को भारत में लॉन्च करने वाली पहली टेलीकॉम कंपनी भी है और इसके 5G नेटवर्क पर लगभग 18 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़ चुके हैं। इसके साथ‑साथ एयरटेल ने एक कन्वर्ज्ड (एकीकृत) इको‑सिस्टम बनाया है, जिसमें Xstream एयरफाइबर (FWA) और इंटीग्रेटेड IPTV सेवा शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी 1.3 करोड़ से अधिक घरों को हाई‑स्पीड इंटरनेट और लगभग 1.5 करोड़ ग्राहकों को डिजिटल टीवी सेवाएं प्रदान कर रही है।
विश्व का पहला नेटवर्क‑आधारित AI स्पैम सुरक्षा
एयरटेल ने विश्व की पहली नेटवर्क‑आधारित AI स्पैम सुरक्षा सुविधा लॉन्च की है, जो ग्राहकों को धोखाधड़ी, फिशिंग और स्पैम कॉल्स/एसएमएस से बचाने में मदद करती है। इस रणनीति के जरिए कंपनी न केवल कनेक्टिविटी बढ़ा रही है, बल्कि ग्राहकों के डिजिटल अनुभव को सुरक्षित भी बना रही है। इसके अलावा, एयरटेल बिज़नेस उद्यम ग्राहकों को Airtel IQ, साइबरसिक्योरिटी, SD‑WAN, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज और IoT समाधान जैसी मिशन‑क्रिटिकल सुविधाएं प्रदान करती है, जो लगभग 4 लाख किलोमीटर से अधिक सबसी‑फाइबर नेटवर्क और Nxtra ग्रीन डेटा सेंटर्स पर आधारित हैं।
अफ्रीका में 17.9 करोड़ ग्राहक और Airtel Money
Airtel Africa अफ्रीका के 14 देशों में काम करती है और यहां इसके 17.9 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जिन्हें मोबाइल वॉइस, हाई‑स्पीड डेटा और इंटरनेशनल रोमिंग सुविधाएं मिलती हैं। Airtel Money मोबाइल फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म पर 52 मिलियन से अधिक ग्राहक जुड़े हुए हैं, जो बैंकिंग और इंस्टेंट पेमेंट सुविधाएं देकर अनबैंक्ड और लो‑इनकम उपयोगकर्ताओं को वित्तीय समावेशन से जोड़ रही है। इन सेवाओं से न केवल डिजिटल पेमेंट तेज हो रहे हैं, बल्कि छोटे व्यवसायों और किसानों तक फाइनेंशियल सुविधाएं भी पहुंच रही हैं।
लो‑अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट के साथ डिजिटल डिवाइड पाटना
एयरटेल ने Eutelsat OneWeb और SpaceX (Starlink) के साथ भागीदारी कर Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट‑आधारित ब्रॉडबैंड सेवाओं को विकसित किया है। इन तकनीकों के जरिए गांवों, पहाड़ी या दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च‑गति, कम‑लेटेंसी ब्रॉडबैंड पहुंचाया जा रहा है। भारतीय सेना और राहत टीमों के लिए भी ऐसी LEO‑आधारित इंटरनेट सुविधाएं शुरू की गई हैं, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होते। इस तरह एयरटेल न केवल ग्राहक संख्या बढ़ा रही है, बल्कि दुनिया भर में डिजिटल डिवाइड को पाटने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।
