Bombay High Court ने उद्योगपति Anil Ambani पर 25000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह जुर्माना आयकर विभाग के अप्रैल 2022 में जारी नोटिस को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर बिना मतलब तत्काल सुनवाई के अनुरोध को लेकर लगाया गया है। जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा कि इसके अलावा चुनौती केवल कारण बताओ नोटिस को दी गई।
अनिल अंबानी पर 25,000 रुपये का अर्थदंड
बॉम्बे हाई कोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी पर 25,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह जुर्माना आयकर विभाग के अप्रैल 2022 में जारी नोटिस को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर बिना मतलब तत्काल सुनवाई के अनुरोध को लेकर लगाया गया है। जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि मामले को जरूरी बताया गया जबकि ऐसा कुछ नहीं था। एक गलत धारणा बनाकर मामले को जरूरी बताकर तत्काल सुनवाई की सुविधा का लाभ नहीं उठाया जा सकता।
बिना मतलब तत्काल सुनवाई के अनुरोध को लेकर लगाया गया
कोर्ट ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा कि इसके अलावा चुनौती केवल कारण बताओ नोटिस को दी गई। खंडपीठ ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के आग्रह को लेकर अंबानी के आवेदन को खारिज कर दिया और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड राशि दो सप्ताह के भीतर टाटा मेमोरियल अस्पताल को देने को कहा गया है। मंगलवार को जब याचिका नियमित सुनवाई के लिए आई तो अंबानी के वकील रफीक दादा ने पीठ के समक्ष कहा कि 27 मार्च को टैक्स विभाग ने संबंधित आकलन वर्ष के लिए अपना आदेश पारित किया था। उन्होंने याचिका वापस लेने का आग्रह किया और पीठ को सूचित किया कि लगाया गया अर्थदंड जमा कर दिया गया है।
लगाई गई लागत जमा कर दी गई
मंगलवार (1 अप्रैल) को जब याचिका नियमित सुनवाई के लिए आई, तो अंबानी के वकील रफीक दादा ने पीठ को बताया कि 27 मार्च को कर विभाग ने संबंधित कर निर्धारण वर्ष के लिए अपना आदेश पारित कर दिया था। उन्होंने याचिका वापस लेने की मांग की और पीठ को बताया कि पीठ द्वारा पहले लगाई गई लागत जमा कर दी गई है। पीठ ने मंगलवार को बयान को स्वीकार कर लिया और याचिका को वापस ले लिया गया मानकर उसका निपटारा कर दिया।
