हरियाणा के Chief Minister Bhajan Lal Sharma ने एक खास मौके पर डॉक्टरों से मुलाकात की और उन्हें ऐसा संदेश दिया जो दिलों को छू गया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि मरीज का इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि डॉक्टर के व्यवहार और बात करने के तरीके से भी होता है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि मरीजों से इंसानियत और सरलता से पेश आएं, क्योंकि एक परेशान इंसान को एक सादा मुस्कान और कुछ अच्छे शब्द आधी बीमारी से राहत दिला सकते हैं।
CM ने कहा, “डॉक्टर का पेशा सबसे पवित्र है, लेकिन जब मरीज को अस्पताल में सख्त व्यवहार का सामना करना पड़ता है तो उसका दर्द और बढ़ जाता है। याद रखें, मरीज पहले ही परेशानी में होता है, ऐसे में अगर डॉक्टर उसे अपनापन और सहानुभूति दिखाए तो उसकी आधी तकलीफ वहीं खत्म हो जाती है।”
Bhajan Lal Sharma ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक और इलाज में आधुनिकता जरूरी है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी है मरीजों के साथ इंसानी जुड़ाव। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा में भी अब छात्रों को व्यवहार कुशलता और सहानुभूति सिखाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य के डॉक्टर न केवल इलाज करें, बल्कि मरीजों का भरोसा भी जीत सकें।
CM ने इस मौके पर अस्पतालों में मरीजों के प्रति बरते जाने वाले रवैये पर चिंता जताई और कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में सुधार के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि अस्पतालों में “पेशेंट फ्रेंडली” माहौल तैयार किया जाए, जहां मरीज को इलाज के साथ-साथ अपनापन भी महसूस हो।
CM Bhajan Lal का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने उनके संवेदनशील और सशक्त संदेश की सराहना की है। कई मरीजों और उनके परिवारों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि डॉक्टरों का व्यवहार वाकई इलाज में बड़ा फर्क लाता है।
अब देखना ये होगा कि CM के इस संदेश का कितना असर अस्पतालों और डॉक्टरों पर पड़ता है। लेकिन एक बात तय है—बीमारियों से लड़ाई में अगर डॉक्टर थोड़ा सा दिल दिखाएं, तो दवाएं और ज्यादा असर करती हैं।
