Home दुनिया Donald Trump की शपथ और Pakistan पर असर: खत्म हो सकता है...

Donald Trump की शपथ और Pakistan पर असर: खत्म हो सकता है ये दर्जा

0

20 जनवरी 2025 को Donald Trump ने दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद अपने उध्दाटन भाषन‌ में ट्रंप ने कुछ ऐसी बातें कहीं, जिनसे पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गईं। ट्रंप ने आतंकवाद, कट्टरपंथ और वैश्विक सुरक्षा को लेकर सख्त रूप अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अब आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के खिलाफ करी कार्रवाई करेगा।

ट्रंप की घोषणाएं और पाकिस्तान पर प्रभाव

अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि आतंकवाद और ड्रग तस्करी के खिलाफ नई और आक्रामक नीति अपनाएगा । उन्होंने यह घोषणा भी की कि अमेरिका अब ऐसे देश को मुफ्त आर्थिक सहायता प्रदान नहीं करेगा, जो खुद आतंकवाद के लिए जमीन तैयार करते हैं या इसे बढ़ावा देते हैं।

ट्रंप का यह बयान पाकिस्तान के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में लंबे समय तक उसे “ प्रमुख गैर – नाटो सहयोगी” ( Major Non – NATO Ally) कब दर्जा देकर आर्थिक और सैन्य सहायता प्रदान की है। इस दर्जे के तहत पाकिस्तान को विशेष लाभ मिलता है, जैसे आधुनिक हथियारों की आपूर्ति और सैन्य प्रशिक्षण। यदि यह दर्जा समाप्त होता है, तो पाकिस्तान को मिलने वाली अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता खतरे में पड़ जाएगी।

ट्रंप की रणनीति और पाकिस्तान की चिंता

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आमंत्रित नहीं किया गया। यह अमेरिका की नई नीति का संकेत माना जा रहा है। इसके अलावा, चीन, अर्जेंटीना, हंगरी, अल सल्वाडोर और इटली जैसे देशों के नेताओं को इस समारोह में आमंत्रित किया गया। ट्रंप ने अपनी पिछले कार्यकाल में भी पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया था। ‌ 2018 में उन्होंने पाकिस्तान को दी जाने वाली दो बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता बंद कर दी थी, यह आरोप लगाते हुए कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहा है ‌ ट्रंप ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को शरण देता है, जो अफगानिस्तान और भारत में हमले करते हैं। दूसरे कार्यकाल में भी ट्रंप इसी नीति को जारी रखने का संकेत दे रहे हैं। पाकिस्तान के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही संघर्ष कर रही है।

गैर – नाटो सहयोगी दर्जा खत्म होने का मतलब

अगर पाकिस्तान का प्रमुख गैर नाटो सहयोगी देश का दर्जा समाप्त होता है, तो उससे कुछ नुकसान हो सकते हैं:

1 अमेरिकी हथियारों की खरीद में मुश्किलें

2 आर्थिक सहायता का नुकसान

3 वैश्विक स्तर पर साख में गिरावट

4 अन्य सहयोगी देशों के साथ पाकिस्तान के संबंध भी प्रभावित हो सकता है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल पाकिस्तान के लिए चुनौतियों से भरा हो सकता है। ट्रंप के सख्त रुक और अमेरिकी संसद में प्रभावित विधेयक से यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब उन देशों को बर्दाश्त नहीं करेगा, जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं। पाकिस्तान के लिए यह समय आत्ममंथन का है। पाकिस्तान को यह तय करना होगा कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा या अंतरराष्ट्रीय समर्थन खोने का जोखिम उठाएगा।‌

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version