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Sunday, August 31, 2025

HAL को पहली तिमाही में 3.7% का मुनाफे में गिरावट, लेकिन रेवेन्यू और डिफेंस सेक्टर में तेज उछाल

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 2025-26 की पहली तिमाही में 3.7% का मुनाफे में गिरावट, लेकिन रेवेन्यू में 10.8% की बढ़ोतरी। भारत का डिफेंस सेक्टर पहली बार 1.5 लाख करोड़ के पार।

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देश की प्रमुख सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 3.7% की गिरावट दर्ज की गई। एक साल पहले की समान तिमाही में HAL को 1,437 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जबकि इस साल की समान अवधि में यह घटकर 1,383 करोड़ रुपये रह गया।

हालांकि, मुनाफे में इस गिरावट के बावजूद कंपनी का रेवेन्यू मजबूत रहा। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में HAL का रेवेन्यू 4,819 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 4,347 करोड़ रुपये की तुलना में 10.8% ज्यादा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी के प्रोडक्शन और डिलीवरी में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, भले ही मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।

ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के मोर्चे पर भी HAL ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमूर्त संपत्तियों से पहले की कमाई) 29.2% बढ़कर 1,284.3 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 994 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में EBITDA मार्जिन 22.86% से बढ़कर 26.7% हो गया, यानी 384 बेसिस पॉइंट का उछाल। यह दर्शाता है कि कंपनी ने लागत प्रबंधन और प्रोडक्शन एफिशिएंसी में उल्लेखनीय सुधार किया है।

नतीजे घोषित होने के बाद शेयर बाजार में HAL के शेयरों में हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन जल्दी ही इसमें रिकवरी देखी गई और शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। यह संकेत है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी के लंबे समय के प्रदर्शन पर बरकरार है।

भारत का डिफेंस सेक्टर नई ऊंचाई पर
HAL के तिमाही नतीजों के साथ-साथ भारत का डिफेंस सेक्टर भी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर रहा है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश का डिफेंस प्रोडक्शन पहली बार 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता का श्रेय रक्षा मंत्रालय के उत्पादन विभाग, सार्वजनिक उपक्रमों, अन्य सरकारी निर्माताओं और निजी उद्योगों के संयुक्त प्रयास को दिया।

आंकड़ों के मुताबिक, 2019-20 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन 79,071 करोड़ रुपये था, जो अब करीब 90% बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह 2024-25 के 1.2 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 18% ज्यादा है। यह तेजी संकेत देती है कि भारत का रक्षा क्षेत्र अब न केवल घरेलू मांग पूरी कर रहा है, बल्कि निर्यात में भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है।

हालांकि HAL के मुनाफे में मामूली गिरावट आई है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ और सेक्टर की तेजी इस बात का सबूत है कि आने वाले वर्षों में भारत का डिफेंस इंडस्ट्री वैश्विक स्तर पर और मजबूत स्थिति में पहुंचेगा।

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