HAMAS ने शनिवार को बंधकों के रिहाई की घोषणा की, युद्धविराम पर बनी सहमति

0
103
HAMAS ने शनिवार को बंधकों की रिहाई की घोषणा की, युद्धविराम पर बनी सहमति
HAMAS ने शनिवार को बंधकों की रिहाई की घोषणा की, युद्धविराम पर बनी सहमति

Cairo/Tel Aviv, 20 जनवरी – Hamas ने इस saturday को गाजा में बंदी बनाए गए बंधकों को रिहा करने की योजना की पुष्टि की है। यह कदम इस महीने की शुरुआत में इज़राइल के साथ हुए युद्धविराम समझौते के तहत उठाया जा रहा है। इस घोषणा से पहले हमास के एक अधिकारी ने रिहाई रविवार को होने की बात कही थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।

Hamas ने कहा है कि अगले कुछ हफ्तों में 90 से अधिक बंधकों को क्रमिक रूप से रिहा किया जाएगा। इसके बदले में इज़राइल ने फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को रिहा करने पर सहमति जताई है। यह रिहाई 15 महीने लंबे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मिली-जुली रिपोर्टों के बाद स्थिति स्पष्ट

सोमवार को हमास ने एक बयान जारी कर अगले चरण की रिहाई की तारीख स्पष्ट की। पहले, हमास के कैदी मीडिया कार्यालय के प्रमुख नाहेद अल-फखौरी ने कहा था कि बंधकों की रिहाई रविवार को होगी। हालांकि, इज़राइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समझौते के तहत रिहाई की अंतिम तिथि शनिवार है।

युद्धविराम समझौते का विवरण

इस महीने इज़राइल और हमास के बीच तीन चरणों वाले युद्धविराम पर सहमति बनी, जिसमें बंदियों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। इस समझौते के तहत, पिछले रविवार को युद्धविराम लागू हुआ। हमास ने तीन इज़राइली बंधकों को रिहा किया, और इज़राइल ने फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा।

पहले चरण के तहत छह हफ्तों तक हिंसा रोकने, गाजा से इज़राइली सैनिकों की धीरे-धीरे वापसी, और बंधकों व कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शामिल है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस युद्धविराम को संघर्ष खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

अंतरराष्ट्रीय ध्यान और उम्मीदें

यह समझौता दुनियाभर का ध्यान खींच रहा है। वैश्विक शक्तियां दोनों पक्षों से समझौते का पालन करने और मानवीय मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील कर रही हैं। बंधकों और कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया युद्धविराम की स्थिरता की परीक्षा होगी।

स्थायी शांति की दिशा में कदम

यह युद्धविराम समझौता क्षेत्र में स्थिरता लाने और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसका सफल क्रियान्वयन भविष्य में स्थायी शांति वार्ता के लिए आधार तैयार कर सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here