Home खेल क्रिकेट “मैं ट्रांसवुमन हूं, लेकिन Cricket खेलने की हकदार भी!” Anaya Bangar का...

“मैं ट्रांसवुमन हूं, लेकिन Cricket खेलने की हकदार भी!” Anaya Bangar का BCCI-ICC से बड़ा सवाल, सोशल मीडिया पर मचा तूफान

"मैं ट्रांसवुमन हूं, लेकिन Cricket खेलने की हकदार भी!" Anaya Bangar का BCCI-ICC से बड़ा सवाल, सोशल मीडिया पर मचा तूफान

0
"मैं ट्रांसवुमन हूं, लेकिन Cricket खेलने की हकदार भी!" Anaya Bangar का BCCI-ICC से बड़ा सवाल, सोशल मीडिया पर मचा तूफान

एक नई बहस ने भारतीय क्रिकेट और समाज को झकझोर दिया है। Sanjay Bangar की संतान और ट्रांसवुमन बनीं Anaya Bangar ने महिला cricket में खेलने की अनुमति मांगी है। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपील की है कि transgender women को महिला cricket में खेलने का मौका दिया जाए।

Anaya ने Instagram पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने खुद को “साइंटिफिकली एलिजिबल” बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक साल से भी ज़्यादा वक्त तक hormone therapy ली है और अब उनका शरीर महिला क्रिकेट के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है। इस दावे को साबित करने के लिए उन्होंने एक 8 पेज की वैज्ञानिक रिपोर्ट भी तैयार की है, जो उनके transition से जुड़ी फिजिकल और biological जानकारी देती है।

वीडियो में Anaya ने साफ कहा, “साइंस कहता है कि मैं महिला क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हूं। अब सवाल यह है कि क्या दुनिया इस सच्चाई को सुनने और स्वीकार करने के लिए तैयार है?” उन्होंने कहा कि यह बहस डर से नहीं, बल्कि डेटा और सच्चाई पर आधारित होनी चाहिए।

Anaya ने कहा कि उनका मकसद किसी की जगह छीनना नहीं है, बल्कि सबके लिए जगह बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रिपोर्ट राय नहीं, बल्कि आंकड़ों पर आधारित है, और वह इसे पूरी पारदर्शिता के साथ ICC और BCCI को सौंपेंगी।

फिलहाल ICC और BCCI के नियमों के अनुसार transgender woman खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने की इजाज़त नहीं है। लेकिन Anaya के इस कदम के बाद यह मुद्दा अब खुलकर सामने आ गया है।

क्या अब cricket की दुनिया ट्रांसवुमन players को स्वीकार करने के लिए तैयार है? यह सवाल अब सिर्फ खेल का नहीं, समाज की सोच का भी बन गया है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version