Home देश भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी: स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में भारतीय...

भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी: स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में भारतीय सेना की ऐतिहासिक यात्रा

Indian Army

हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है, जो भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास और वीर जवानों की शहादत को सलाम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल कोडंडेरा मादप्पा करियप्पा ने ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर फ्रांसिस रॉय बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी।

यह घटना भारतीय सेना के लिए एक ऐतिहासिक क्षण थी, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और आत्मनिर्भर रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। भारतीय सेना में यह परिवर्तन देश की संप्रभुता की विजय का प्रतीक था। करियप्पा की नियुक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब अपने सुरक्षा मामलों में पूरी तरह से आत्मनिर्भर और स्वतंत्र हो चुका है।

सेना दिवस पर आयोजन

भारत में सेना दिवस का उत्सव हर साल 15 जनवरी को हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया जाता है। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले परंपरागत समारोह में सेना प्रमुख अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं और एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है।

2023 से सेना दिवस परेड को विभिन्न शहरों में आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहला आयोजन बेंगलुरु में हुआ था, जबकि 2024 में यह लखनऊ में आयोजित किया गया। इस वर्ष पुणे शहर को सेना दिवस परेड आयोजित करने का अवसर मिला है। पुणे, जो अपनी समृद्ध सैन्य धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, बंबई इंजीनियरिंग ग्रुप और केंद्र में इस वर्ष परेड का आयोजन करेगा।

नवीन तकनीकी प्रदर्शनी और शौर्य प्रदर्शन

परेड में मार्चिंग कंटिंगेंट्स, यांत्रिक कॉलम और रक्षा प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रदर्शनी प्रस्तुत की जाएंगी। साथ ही, ड्रोन, रोबोटिक्स और अन्य अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन भी होगा। इसके अलावा, युद्धक प्रदर्शन और मार्शल आर्ट्स के प्रदर्शन भी होंगे।

सेना दिवस की परेड का लाइव प्रसारण भारतीय सेना के X, फेसबुक, इंस्टाग्राम हैंडल्स और यूट्यूब चैनल पर सुबह 8 बजे से किया जाएगा।

सेना दिवस भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण दिन है, जो भारतीय सैनिकों की बहादुरी और समर्पण को हमेशा याद रखने के लिए प्रेरित करता है। 15 जनवरी का यह दिन भारतीय सेना के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां सेना पूरी तरह से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर हो गई थी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version