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जयपुर में जन्माष्टमी की धूम: गोविंद देव जी मंदिर बना भक्ति का केंद्र

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गुलाबी नगरी जयपुर पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गई है। शहर के आराध्य श्री गोविंद देव जी मंदिर में भजन-कीर्तन की स्वर लहरियों और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के बीच भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां अपने चरम पर हैं। मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य साज-सज्जा से सजाया गया है।

सदियों पुरानी है आस्था

सिटी पैलेस परिसर के भीतर जय निवास बाग में स्थित गोविंद देव जी मंदिर की स्थापना महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने कराई थी। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने कृष्ण के स्वरूप पर आधारित तीन विग्रह बनवाए थे, जिनमें से मुख्य विग्रह गोविंद देव जी के नाम से प्रतिष्ठित हुआ। बिना शिखर वाली इस मंदिर की बनावट और स्तंभरहित विशाल छत आज भी उस दौर की उत्कृष्ट वास्तुकला का प्रमाण है।

दिनभर होंगी सात विशेष झांकियां

जन्माष्टमी के दिन ठाकुरजी के दर्शन मंगला झांकी से शुरू होकर धूप, श्रृंगार, राजभोग, ग्वाल, संध्या और शयन तक कुल सात झांकियों में करीब तेरह घंटे तक होंगे। मंगला झांकी से पहले पंचामृत अभिषेक होगा, जिसमें सैकड़ों लीटर दूध, दही, घी, बूरा और शहद का प्रयोग होगा। भगवान को नए पीले वस्त्र और विशेष अलंकार, सिरपेच व फूलों से श्रृंगार किया जाएगा।

रात दस बजे से जन्माष्टमी व्रत कथा शुरू होगी और ठीक मध्यरात्रि बारह बजे तोपों की गर्जना और आतिशबाजी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान वेदपाठी पंडितों द्वारा वेद पाठ और शालिग्राम पूजन भी संपन्न होगा। अभिषेक के बाद पंजीरी, लड्डू, खीर और रबड़ी जैसे भोग का प्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर में डेढ़ किलोमीटर से भी लंबी कतार भक्तों की अटूट श्रद्धा दिखा रही है।

अगले दिन नंदोत्सव, निकलेगी शोभायात्रा

जन्माष्टमी के दूसरे दिन नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। शाम को मंदिर प्रांगण से शोभायात्रा निकलेगी, जो जलेबी चौक, हवामहल बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ और चांदपोल बाजार से होकर गुजरेगी।

गोविंद देव जी मंदिर के अलावा इस्कॉन मंदिर, अन्नपात्र मंदिर, अक्षरधाम, राधा दामोदर मंदिर, गोपीनाथ जी मंदिर और गुप्त वृंदावन धाम में भी विशेष आयोजन हो रहे हैं। गुप्त वृंदावन धाम में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जहां चार महाअभिषेक और 108 प्रकार के भोग रखे जाएंगे।

सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने करीब 3000 स्वयंसेवक और 150 स्काउट तैनात किए हैं, साथ ही 13 एलईडी स्क्रीन और 8-10 मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। इस बार पहली बार एआई-युक्त सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने प्रवेश-निकास के अलग मार्ग तय किए हैं और मेट्रो उपयोग की अपील की है। पार्किंग रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास रहेगी।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से जूते-चप्पल, बैग, कीमती आभूषण, कैमरा और लैपटॉप न लाने की अपील की है, जबकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भीड़ से बचने की सलाह दी गई है।

पिछले साल गोविंद देव जी मंदिर में एक ही दिन में 8-10 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। कैट के अनुमान के अनुसार, इस साल देशभर में जन्माष्टमी से जुड़ा कारोबार करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार 2025 में राज्य के प्रमुख मंदिरों में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जो एक साल पहले से 10 प्रतिशत अधिक है।

कुल मिलाकर, इस बार जयपुर की जन्माष्टमी धार्मिक आस्था, प्रशासनिक चौकसी और सांस्कृतिक विरासत के सामूहिक उत्साह का बेहतरीन उदाहरण बनने जा रही है।

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