Delhi में अब कूड़ा – कचरा उठाने का भी देना पड़ेगा नगर निगम को चार्ज

Delhi नगर निगम ने नए नियमों के अनुसार घर से कूड़ा उठाने के लिए हर महीने 50 से 200 रुपये तक यूजर चार्ज लेना शुरू कर दिया है।

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Delhi नगर निगम ने नए नियमों के अनुसार घर से कूड़ा उठाने के लिए हर महीने 50 से 200 रुपये तक यूजर चार्ज लेना शुरू कर दिया है।

सब को देना होगा चार्ज 

यह चार्ज संपत्तिकर के साथ लिया जाएगा। रिहायशी संपत्ति मालिकों को संपत्तिकर में न्यूनतम 600 रुपये और अधिकतम 2400 रुपये अधिक देने पड़ेंगे। वहीं व्यावसायिक संपत्तियों में यह न्यूनतम 6000 हजार रुपये और अधिकतम 60 हजार रुपये सालाना अधिक देने होंगे। दिल्लीवासियों को घर से कूड़ा उठान के लिए अब नगर निगम को हर महीने 50 से 200 रुपये का यूजर चार्ज देना होगा।

दिल्ली के सम्पति मालिको पर बोझ

 दिल्ली नगर निगम ने ठोस कचरा प्रबंधन-2018 उपनियम के तहत इस यूजर चार्ज को सात साल बाद लागू कर दिया है।इससे दिल्ली के उन संपत्ति मालिकों पर सीधा बोझ बढ़ेगा, जो पहले से ही नगर निगम को संपत्तिकर चुका रहे थे, क्योंकि नगर निगम ने इसे संपत्तिकर के साथ लेना शुरू किया है। यानी जब दिल्ली के संपत्ति मालिक संपत्तिकर जमा करेंगे, तो उन्हें कूड़ा उठान का यूजर चार्ज भी देना होगा। इससे रिहायशी संपत्ति मालिकों को संपत्तिकर में न्यूनतम 600 रुपये और अधिकतम 2,400 रुपये अधिक देने पड़ेंगे। वहीं, व्यावसायिक संपत्तियों में यह न्यूनतम 6,000 हजार रुपये और अधिकतम 60 हजार रुपये सालाना अधिक देने होंगे। इससे नगर निगम को सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।

यूजर चार्ज लेना नियमों के विरूद्ध : AAP

दूसरी ओर, यूजर चार्ज लेने का आम आदमी पार्टी ने विरोध किया है। महापौर महेश कुमार ने इसको लेकर निगमायुक्त को पत्र लिखा है, जिसमें यूजर चार्ज को बिना सदन की मंजूरी लागू करने को गलत बताया है।
केंद्र सरकार ने 2017 में ठोस कचरा प्रबंधन उपनियमों को अधिसूचित किया था। इसी के आधार पर तत्कालीन दिल्ली की आप सरकार ने 15 जनवरी 2018 में यह उपनियम लागू किए थे। इसके बाद भाजपा शासित पूर्वकालिक तीनों नगर निगम (पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी) ने इन यूजर चार्ज को लगाने का विरोध किया था। इसके लिए सदन से प्रस्ताव भी पारित हुए थे।

अचानक लिया फैसला 

सदन ने प्राइवेट मेंबर बिल पारित किए थे और कहा था कि इसे केवल व्यावसायिक संपत्तियों से ही वसूला जाए। तब से यह उपनियम ठंडे बस्ते में पड़े थे। अचानक ही नगर निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में संपत्तिकर के साथ ही यूजर चार्ज लेने का निर्णय ले लिया है।उपनियमों के तहत रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों में संपत्ति के क्षेत्रफल के हिसाब से यह कर लेने का प्रावधान है। चूंकि नगर निगम का संपत्तिकर वर्ष में एक ही बार भरा जाता है, ऐसे में सालभर के संपत्तिकर के साथ ही लोगों को ये चार्ज देना होगा।

इस संपत्ति पर इतना लगेगा यूजर चार्ज

रिहायशी संपत्ति यूजर                      चार्ज मासिक
50 वर्ग मीटर तक                         50 रुपये
50 से 200 वर्ग मीटर तक               100 रुपये
200 वर्ग मीटर से अधिक                 200 रुपये
स्ट्रीट वेंडर                                  100 रुपये

व्यापारिक संपत्तियों से लिए जाने वाला मासिक यूजर चार्ज

श्रेणी                                                       चार्ज (मासिक)
दुकानें और खाने-पीने के स्थान                           500 रुपये
गेस्ट हाउस और धर्मशाला                                 2,000 रुपये
हॉस्टल                                                      2,000 रुपये
50 सीट वाले रेस्तरां                                       2,000 रुपये
50 से अधिक सीट वाले रेस्तरां                            3,000 रुपये
होटल                                                       2,000 रुपये
3 स्टार होटल                                              3,000 रुपये
3 स्टार से अधिक वाले होटल                             5,000 रुपये
बैंक और कोचिंग कक्षाएं                                  2,000 रुपये
क्लीनिक व लैब (50 बेड तक)                          2,000 रुपये
क्लीनिक, अस्पताल व लैब (50 से अधिक बेड)        4,000 रुपये
लघु व कुटीर उद्योग (केवल जोखिमपूर्ण कचरा)        3,000 रुपये
विवाह पार्टी हॉल                                          5,000 रुपये

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