Congress नेता और वायनाड सांसद Priyanka Gandhi ने मंगलवार को संसद में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman के बजट भाषण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री यह दावा कर रही हैं कि देश में बेरोजगारी और महंगाई नहीं बढ़ी है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। Priyanka Gandhi ने तंज कसते हुए कहा, “पता नहीं वह किस ग्रह पर रह रही हैं।”
संसद सत्र समाप्त होने के बाद Priyanka Gandhi ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “उन्होंने (Nirmala Sitharaman) कहा कि देश में महंगाई नहीं है, बेरोजगारी नहीं बढ़ी है, कीमतें नहीं बढ़ रही हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस दुनिया में रह रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार जनता की वास्तविक परेशानियों से दूर है और केवल कागजी आंकड़ों के आधार पर विकास के दावे कर रही है।
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने राज्यसभा में बजट पर बोलते हुए कहा कि सरकार 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के लिए नए अवसर पैदा करेगा और कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), निवेश, निर्यात और ग्रामीण विकास को गति देगा। वित्त मंत्री ने दावा किया कि इस बजट के तहत रोजगार को बढ़ावा देने और घरेलू उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि GST लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष करों में कमी आई है। राज्यसभा में Trinamool Congress के सांसद Nadimul Haque के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पहले अप्रत्यक्ष कर औसतन 15.8 प्रतिशत था, जो अब घटकर 11.3 प्रतिशत रह गया है।
Nirmala Sitharaman ने कहा, “पहले हर रोज इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं पर 15.8 प्रतिशत कर लगाया जाता था। अब, जीएसटी काउंसिल द्वारा लिए गए निर्णयों के चलते यह घटकर 11.3 प्रतिशत हो गया है। यह दर्शाता है कि जीएसटी लागू होने के बाद कर दरों में लगातार कमी आई है।”
बजट को लेकर Congress नेता Priyanka Gandhi और उनके भाई Rahul Gandhi दोनों ने संसद के बाहर सरकार पर निशाना साधा। संसद सत्र समाप्त होने के बाद दोनों नेता एक साथ बाहर निकले और मीडिया से बातचीत की। Rahul Gandhi ने भी बजट को “निराशाजनक” करार देते हुए कहा कि इसमें आम जनता के हितों की अनदेखी की गई है।
बता दें कि संसद का अगला सत्र 13 फरवरी को होगा, क्योंकि 14 फरवरी को गुरु रविदास जयंती के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। बजट को लेकर अगले सत्र में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गरमागरम बहस होने की संभावना है।
Congress और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार का बजट बड़े उद्योगपतियों के हित में है और इसमें आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस बजट में किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग की जरूरतों को अनदेखा किया गया है।
वहीं, सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट संतुलित है और सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने दावा किया कि सरकार के इस बजट से नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
बजट को लेकर जनता की भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सकारात्मक बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में कोई खास सुधार नहीं होगा। आम जनता को उम्मीद है कि सरकार उनके हितों का ध्यान रखेगी और महंगाई को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
अगले कुछ दिनों में इस बजट पर संसद के भीतर और बाहर और भी तीखी बहस होने की संभावना है। सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि सरकार कैसे अपने वादों को पूरा करती है और विपक्ष किस तरह से अपने हमले जारी रखता है।
