Home देश राजस्थान जयपुर में डीएलसी रेट बढ़ने से महंगी होगी प्रॉपर्टी, निवेशकों की बढ़ेगी...

जयपुर में डीएलसी रेट बढ़ने से महंगी होगी प्रॉपर्टी, निवेशकों की बढ़ेगी चिंता

जयपुर में डीएलसी रेट बढ़ने से महंगी होगी प्रॉपर्टी, निवेशकों की बढ़ेगी चिंता
Photo Credits: File Photo

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आने वाले दिनों में रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में डीएलसी (District Level Committee) दरों में 49 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब अंतिम फैसला राज्य सरकार के हाथ में है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को हरी झंडी देती है, तो राजधानी में जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त पहले से अधिक महंगी हो जाएगी। इसका सीधा असर आम खरीदारों, निवेशकों, बिल्डर्स और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर में कई इलाकों में बाजार भाव पहले से ही डीएलसी दरों से काफी अधिक चल रहे हैं। ऐसे में डीएलसी बढ़ने का सबसे बड़ा असर रजिस्ट्री पर दिखाई देगा। खरीदारों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में अधिक रकम चुकानी पड़ेगी, जिससे संपत्ति खरीदने की कुल लागत बढ़ जाएगी। हालांकि सरकार के लिए यह फैसला राजस्व बढ़ाने का बड़ा माध्यम साबित हो सकता है।

क्या होती है डीएलसी दर?

डीएलसी यानी डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी रेट वह न्यूनतम सरकारी मूल्य होता है, जिस पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। यदि किसी जमीन का बाजार मूल्य डीएलसी से अधिक है, तब भी रजिस्ट्री बाजार मूल्य या निर्धारित नियमों के अनुसार होती है, लेकिन स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क की गणना में डीएलसी की अहम भूमिका रहती है। इसलिए डीएलसी दर बढ़ने का मतलब है कि रजिस्ट्री का खर्च भी बढ़ जाएगा।

प्रशासन ने 49 फीसदी तक बढ़ोतरी को दी मंजूरी

6 जुलाई को जयपुर कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सब-रजिस्ट्रारों ने अपने-अपने क्षेत्रों की बाजार दरों के आधार पर नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए। बैठक में विभिन्न इलाकों में डीएलसी दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई और अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई।

सूत्रों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर 5 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक डीएलसी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं कुछ प्रमुख कॉलोनियों में 49 प्रतिशत तक वृद्धि की सिफारिश की गई है। अब इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी राज्य सरकार से मिलनी बाकी है।

भारतेंदु नगर में सबसे अधिक बढ़ोतरी

जयपुर के खातीपुरा रोड स्थित भारतेंदु नगर उन इलाकों में शामिल है जहां डीएलसी दरों में सबसे अधिक यानी 49 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। वर्तमान में यहां 40 से 60 फीट चौड़ी सड़कों पर जमीन की डीएलसी दर 15,400 से 16,940 रुपये प्रति वर्गमीटर है, जबकि छोटी सड़कों पर यह दर करीब 12,650 रुपये प्रति वर्गमीटर है। यदि प्रस्ताव लागू होता है तो यहां संपत्ति की रजिस्ट्री का खर्च काफी बढ़ जाएगा।

खरीदारों पर क्या होगा असर?

डीएलसी बढ़ने का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पहली बार घर या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं। उन्हें पहले की तुलना में अधिक स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। इससे कुल निवेश बढ़ जाएगा और कई खरीदार अपने फैसले को टाल भी सकते हैं।

रियल एस्टेट एक्सपर्ट और फोर्टी यूथ विंग के चीफ सेक्रेटरी प्रशांत शर्मा का कहना है कि प्रॉपर्टी बाजार में लगभग 10 से 15 प्रतिशत खरीदार ऐसे होते हैं जो निवेश के उद्देश्य से संपत्ति खरीदते हैं और कुछ समय बाद उसे बेच देते हैं। डीएलसी दरें बढ़ने से ऐसे निवेशकों का मार्जिन कम हो जाएगा, क्योंकि खरीद और बिक्री दोनों के दौरान रजिस्ट्रेशन लागत बढ़ जाएगी।

उनका मानना है कि इससे शॉर्ट टर्म निवेश पर असर पड़ सकता है और बाजार में कुछ समय के लिए लेन-देन की रफ्तार धीमी हो सकती है।

सरकार को मिलेगा ज्यादा राजस्व

डीएलसी दरें बढ़ने से सरकार को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के जरिए अधिक राजस्व मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में जयपुर में प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में डीएलसी दरें बाजार मूल्य से काफी पीछे रह गई थीं। ऐसे में सरकार बाजार दरों के अनुरूप डीएलसी को अपडेट करना चाहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और भूमि से जुड़े राजस्व संग्रह को भी मजबूती मिलेगी।

लोन लेने वालों को होगा फायदा

हालांकि डीएलसी बढ़ने के कुछ फायदे भी हैं। फाइनेंस एक्सपर्ट प्रदुम्न के अनुसार, जब किसी संपत्ति की सरकारी वैल्यू बढ़ती है तो बैंक भी उसी आधार पर उसका मूल्यांकन करते हैं। ऐसे में खरीदारों को पहले की तुलना में अधिक होम लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

इसका फायदा खासकर उन लोगों को मिलेगा जो बैंक फाइनेंस के जरिए घर खरीदना चाहते हैं। अधिक वैल्यूएशन के कारण बैंक बेहतर लोन राशि स्वीकृत कर सकते हैं।

जयपुर में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट बाजार

पिछले डेढ़ दशक में जयपुर का रियल एस्टेट बाजार तेजी से विकसित हुआ है। बेहतर सड़क नेटवर्क, मेट्रो, औद्योगिक विकास, आईटी सेक्टर के विस्तार और निवेश के बढ़ते अवसरों के कारण राजधानी अब देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल हो चुकी है।

जनगणना के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साल 2011 में जयपुर शहर में 5.43 लाख मकान थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15.79 लाख तक पहुंच चुकी है। यानी करीब 190 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि इन मकानों में से लगभग 3 लाख मकान खाली पड़े हैं, जबकि करीब 3.25 लाख मकानों में किरायेदार रह रहे हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने रहने के बजाय निवेश के उद्देश्य से संपत्तियां खरीदी हैं।

चार महीनों में दूसरी बार बढ़ रही हैं दरें

गौरतलब है कि पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार है जब डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। इससे पहले 1 अप्रैल 2024 को 10 प्रतिशत, दिसंबर 2024 में 5 से 15 प्रतिशत और अप्रैल 2026 में फिर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। अप्रैल 2026 में यह बढ़ोतरी केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि राजस्थान के सभी जिलों में लागू की गई थी।

लगातार बढ़ती डीएलसी दरें इस बात का संकेत हैं कि सरकार बाजार मूल्य के अनुरूप सरकारी दरों को अपडेट करना चाहती है। हालांकि इससे आम खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और निवेशकों की रणनीति भी बदल सकती है।

अब सभी की नजर राज्य सरकार के अंतिम फैसले पर है। यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो जयपुर में प्रॉपर्टी खरीदना पहले से कहीं अधिक महंगा हो जाएगा और राजधानी का रियल एस्टेट बाजार एक नए दौर में प्रवेश करेगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version