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Saturday, January 3, 2026

राजस्थान में बढ़ी सर्दी की मार, फतेहपुर बना कोल्ड चैंबर – जानिए आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान में दिसंबर की शुरुआत के साथ सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। फतेहपुर बना सबसे ठंडा इलाका, अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट की संभावना।

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राजस्थान में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही सर्दी ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के समय लोगों की कंपकंपी छूटने लगी है, जबकि दिन में तेज धूप निकलने से हल्की राहत जरूर मिल रही है। हाल ही में सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ अब धीरे-धीरे कमजोर हो गया है, जिसके चलते मंगलवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में आसमान पूरी तरह साफ नजर आया। साफ मौसम के कारण दोपहर के समय धूप तेज रही और कई जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।

शेखावाटी अंचल की बात करें तो यहां सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। इस इलाके में न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो इस समय के अनुसार सामान्य माना जा रहा है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान आठ से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। हालांकि सुबह के समय ठंडी हवाओं के चलते लोगों को फिर भी तेज सर्दी का अहसास हो रहा है, खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है।

फतेहपुर बना पूर्वी राजस्थान का कोल्ड चैंबर

पिछले 24 घंटों के तापमान आंकड़ों के अनुसार पूर्वी राजस्थान का फतेहपुर सबसे ठंडा इलाका बनकर उभरा है। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के सबसे निचले स्तरों में से एक है। पश्चिमी राजस्थान में नागौर भी सर्दी के मामले में पीछे नहीं रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में अब सर्दी पूरी तरह दस्तक दे चुकी है और आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ रात और सुबह सर्दी बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सर्दी के इस दौर में सामान्य से करीब दो डिग्री ज्यादा है। इससे साफ है कि दिन और रात के तापमान में काफी अंतर बना हुआ है, जिसे मौसम विशेषज्ञों की भाषा में ‘डायर्नल रेंज’ कहा जाता है।

इन जिलों में दर्ज हुआ इतना न्यूनतम तापमान

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को अजमेर में 9.8 डिग्री, भीलवाड़ा में 8.2 डिग्री, अलवर में 9.8 डिग्री, जयपुर में 11.0 डिग्री, पिलानी में 8.0 डिग्री, सीकर में 6.2 डिग्री, कोटा में 11.4 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में 7.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इसी तरह बाड़मेर में 14.0 डिग्री, जैसलमेर में 13.0 डिग्री, जोधपुर में 10.0 डिग्री, बीकानेर में 10.5 डिग्री और चूरू में 6.3 डिग्री सेल्सियस पारा रिकॉर्ड हुआ।

इसके अलावा श्रीगंगानगर में 9.4 डिग्री, नागौर में 4.3 डिग्री, जालौर में 8.7 डिग्री, सिरोही में 7.3 डिग्री, सीकर के फतेहपुर में 3.7 डिग्री, करौली में 5.9 डिग्री, दौसा में 5.3 डिग्री और झुंझुनूं में 7.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है।

अगले 48 घंटों में और गिर सकता है तापमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार आने वाले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री ऊपर बना हुआ है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर और तेज होगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि खुले आसमान और शुष्क हवाओं के कारण रात में तेजी से तापमान गिर रहा है।

राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना जताई गई है, यानी इस दौरान बारिश या तेज बादलों की कोई बड़ी संभावना नहीं है। हालांकि राहत की बात यह है कि 12 दिसंबर के आसपास एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से आंशिक बादल छाने और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इससे कुछ दिनों के लिए ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।

सर्दी का जनजीवन पर असर

तेज होती सर्दी का असर अब जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और खेतों में काम करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं, वहीं बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। शेखावाटी, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में सर्द हवाओं के चलते लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने लगे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि तापमान में अचानक गिरावट से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।

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