भारत के शेयर बाजार ने 2025 की शुरुआत एक सकारात्मक नोट पर की है, जिसमें बीएसई सेंसेक्स ने लगभग 700 अंकों की बढ़त के साथ 79,200 के स्तर को छुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 ने भी 23,950 के महत्वपूर्ण स्तर का परीक्षण किया। इस वृद्धि का मुख्य कारण आईटी और बैंकिंग क्षेत्रों में जोरदार खरीदारी है। ये दोनों क्षेत्र निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
आईटी सेक्टर की मजबूती
आईटी सेक्टर ने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस सेक्टर में 1% की वृद्धि दर्ज की गई, जो अमेरिका में बढ़ती मांग और भारतीय रुपये के कमजोर होने के कारण संभव हुआ। रुपये की गिरावट से आईटी कंपनियों को अपने निर्यात-आधारित राजस्व में बढ़त मिलती है, जिससे उनकी लाभप्रदता में सुधार होता है। विश्लेषकों का मानना है कि आईटी कंपनियां आगामी तिमाही में मजबूत कमाई दर्ज कर सकती हैं। इसके अलावा, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी सेवाओं की वैश्विक मांग ने भी इस सेक्टर को बढ़ावा दिया है।
बैंकिंग सेक्टर का योगदान
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने भी बाजार को स्थिरता प्रदान की। इस सेक्टर में 0.5% की बढ़त देखी गई। कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख शेयरों ने 2% की बढ़त हासिल की। यह बढ़त Citi और Jefferies जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों द्वारा बैंक को “खरीदारी” की रेटिंग दिए जाने के बाद आई। इसके अलावा, CSB बैंक ने 4% की वृद्धि दर्ज की, क्योंकि इसने अपने ग्रॉस एडवांस में उल्लेखनीय वृद्धि की सूचना दी। बैंकिंग क्षेत्र में इस सकारात्मक रुझान का कारण स्थिर संपत्ति गुणवत्ता और आकर्षक मूल्यांकन है, जो निवेशकों के लिए इसे एक आकर्षक विकल्प बनाता है।
वैश्विक और घरेलू कारक
वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को समर्थन दिया। अमेरिका और यूरोप में आर्थिक स्थिरता के संकेतों ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया। इसके अलावा, घरेलू मोर्चे पर, सरकारी नीतियों और सुधारों ने भी बाजार को प्रोत्साहित किया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निरंतर खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की सक्रियता ने भी बाजार में स्थिरता बनाए रखी।
निवेशकों के लिए अवसर
आईटी और बैंकिंग जैसे मजबूत क्षेत्रों में निवेशकों के लिए अच्छे अवसर हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लंबी अवधि के लिए इन क्षेत्रों में निवेश करना लाभदायक हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव और घरेलू आर्थिक नीतियों पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
सेंसेक्स और निफ्टी की यह बढ़त दर्शाती है कि भारतीय बाजार एक मजबूत आधार पर खड़ा है। आईटी और बैंकिंग क्षेत्रों की मजबूती ने निवेशकों को नई उम्मीदें दी हैं। यदि यह सकारात्मक रुझान जारी रहता है, तो 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए एक मजबूत वर्ष साबित हो सकता है। निवेशकों को सतर्कता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।

