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EXCLUSIVE: Jaysole India का ‘Buyer Protection’ या Customer Scam? 24 घंटे की शर्त और ₹300 Exchange Charge ने खोली व्यवस्था की पोल

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जयपुर की ऑनलाइन फुटवियर ब्रांड Jaysole India खुद को हैंडक्राफ्टेड फुटवियर और बेहतर ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव देने वाली कंपनी के रूप में पेश करती है। कंपनी अपनी वेबसाइट पर “100% Buyer Protection Program” जैसे दावे करती है और ग्राहकों को भरोसेमंद खरीदारी अनुभव देने की बात कहती है। लेकिन जब कंपनी की अपनी Return, Cancellation & Exchange Policy को ध्यान से पढ़ा जाता है, तो ग्राहक सुरक्षा के इन दावों और वास्तविक शर्तों के बीच एक बड़ा सवालिया अंतर दिखाई देता है। कंपनी की प्रकाशित नीति के मुताबिक सामान्य तौर पर एक बार बेचे गए उत्पादों पर return स्वीकार नहीं किया जाता। साइज की समस्या होने पर ग्राहक को डिलीवरी के सिर्फ 24 घंटे के भीतर कंपनी से संपर्क करना होता है और exchange की स्थिति में ₹300 का reverse-pickup charge भी ग्राहक को देना पड़ता है।

यहीं से ग्राहक के मन में सबसे बड़ा सवाल उठता है – क्या यह वास्तव में “Buyer Protection” है या ऐसी व्यवस्था जिसमें खरीदारी के बाद अधिकांश जोखिम ग्राहक के ऊपर डाल दिया जाता है? ऑनलाइन फुटवियर खरीदना किसी सामान्य वस्तु की ऑनलाइन खरीदारी जैसा नहीं है। जूते, जुत्ती, म्यूल्स या सैंडल की वास्तविक फिटिंग केवल वेबसाइट पर लिखे साइज से तय नहीं होती। पैर की चौड़ाई, toe-space, cushioning, sole grip, material की stiffness और वास्तविक comfort जैसी चीजों का पता अक्सर उत्पाद हाथ में आने और पहनने के बाद ही चलता है। इसके बावजूद Jaysole की policy ग्राहक को साइज संबंधी समस्या के लिए महज 24 घंटे की window देती है। यदि किसी ग्राहक को पार्सल देर शाम मिलता है, वह यात्रा पर है, ऑफिस में है या उसने फुटवियर किसी शादी अथवा समारोह के लिए खरीदा है, तो क्या वह इतने कम समय में उत्पाद की फिटिंग और गुणवत्ता की पूरी तरह जांच कर पाएगा?

मामला केवल size exchange तक सीमित नहीं है। कंपनी की प्रकाशित policy में damaged, defective या wrong product की शिकायत भी 24 घंटे के भीतर फोटो के साथ दर्ज कराने की बात कही गई है। यानी ग्राहक को किसी गंभीर समस्या का पता लगने के बाद भी बेहद सीमित समय में कार्रवाई करनी होगी। यह व्यवस्था खास तौर पर सवाल खड़े करती है क्योंकि Jaysole खुद दावा करती है कि उसके उत्पाद ग्राहक तक पहुंचने से पहले तीन स्तरों की quality checking से गुजरते हैं और इस प्रक्रिया को रिकॉर्ड भी किया जाता है। यदि कंपनी की ओर से इतनी सख्त quality-control प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो फिर गलत, defective या खराब उत्पाद ग्राहक तक पहुंचने की स्थिति में ग्राहक को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के तत्काल और पारदर्शी समाधान क्यों न मिले?

इसके अलावा, Jaysole की policy में screen, lighting और display के कारण colour में करीब 10 प्रतिशत तक अंतर होने की बात कही गई है। साथ ही, यदि ग्राहक को product का material या colour पसंद नहीं आता है, तो ऐसे मामलों में exchange स्वीकार नहीं किया जाता। यह शर्त ऑनलाइन खरीदार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्राहक खरीदारी से पहले उत्पाद को छू नहीं सकता, पहनकर नहीं देख सकता और उसकी वास्तविक finishing को अपनी आंखों से नहीं परख सकता। ऐसे में वेबसाइट पर दिखाई देने वाले उत्पाद और वास्तविक उत्पाद के बीच अनुभव अलग होने पर ग्राहक के विकल्प सीमित हो सकते हैं। सवाल यह है कि जब खरीदारी पूरी तरह ऑनलाइन है, तो उसके जोखिम का इतना बड़ा हिस्सा ग्राहक के जिम्मे क्यों हो?

₹300 का reverse-pickup charge भी इस पूरी व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। अगर ग्राहक को सिर्फ size की समस्या के कारण exchange की जरूरत पड़ती है, तो उसे अतिरिक्त ₹300 खर्च करने पड़ सकते हैं। कंपनी की policy के अनुसार कुछ pin codes पर reverse pickup उपलब्ध न होने की स्थिति में ग्राहक को product खुद वापस भेजना पड़ सकता है। यानी ग्राहक ने ऑनलाइन product चुना, भुगतान किया, product की वास्तविक fitting को खरीदने से पहले जांच नहीं सकता था और अगर size की समस्या सामने आती है तो exchange के लिए उसे अतिरिक्त राशि भी देनी पड़ सकती है। ऐसे में “100% Buyer Protection” का वास्तविक अर्थ क्या है – यह सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्राहक शिकायतों को लेकर सामने आए online reviews इन सवालों को और गंभीर बनाते हैं। Judge.me पर दिखाई देने वाली कुछ customer reviews में खरीदारों ने खराब quality, तस्वीर के अनुरूप product न होने, गलत size मिलने, refund न मिलने, customer service से परेशानी और exchange के लिए ₹300 charge किए जाने जैसी शिकायतें दर्ज की हैं। एक ग्राहक ने लिखा कि उसे मिला product तस्वीर जैसा नहीं था और quality भी उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। एक अन्य review में गलत size delivery और refund न मिलने की शिकायत सामने आती है। वहीं एक अन्य ग्राहक ने size exchange और ₹300 charge को लेकर नाराजगी जताई। इन reviews को प्रत्येक मामले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जा सकता, लेकिन जब इन्हें कंपनी की अपनी कठोर return और exchange policy के साथ देखा जाता है, तो customer experience और grievance redressal को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े होते हैं।

सबसे बड़ा सवाल refund को लेकर भी है। कंपनी की policy के मुताबिक सामान्य returns स्वीकार नहीं किए जाते। वहीं material या colour पसंद न आने की स्थिति में exchange भी उपलब्ध नहीं है। इसका अर्थ यह है कि ऑनलाइन ग्राहक के पास product पसंद न आने या अपेक्षा के अनुरूप अनुभव न होने की स्थिति में विकल्प काफी सीमित हो सकते हैं। एक ग्राहक जिसने उत्पाद को खरीदने से पहले हाथ में नहीं लिया, पहनकर नहीं देखा और उसकी वास्तविक quality नहीं जांची, क्या उसे खरीदारी के बाद इतनी कठोर शर्तों के अधीन रखना उचित है?

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध policy और customer reviews के आधार पर Jaysole India को कानूनी या तथ्यात्मक रूप से “fraud company” या “scam” घोषित करना उचित नहीं होगा। लेकिन कंपनी की अपनी प्रकाशित शर्तें और ग्राहकों द्वारा सार्वजनिक रूप से दर्ज की गई शिकायतें ऐसी तस्वीर जरूर पेश करती हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि किसी ग्राहक को return का विकल्प नहीं मिलता, size exchange के लिए केवल 24 घंटे मिलते हैं, exchange पर ₹300 का charge लगता है और कुछ discounted products exchange से बाहर हैं, तो “Buyer Protection” के दावे की वास्तविक उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

आखिरकार किसी भी online brand की असली परीक्षा उसके advertisements, premium branding या product photography से नहीं होती। असली परीक्षा तब होती है जब ग्राहक को product मिलने के बाद समस्या आती है। उस समय कंपनी ग्राहक की शिकायत कितनी जल्दी सुनती है, गलत या defective product की जिम्मेदारी कितनी पारदर्शिता से लेती है और ग्राहक को अपना पैसा या उचित समाधान कितनी आसानी से मिलता है—यही वास्तविक customer protection है। Jaysole India के मामले में यही सवाल अब सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है: क्या कंपनी का “100% Buyer Protection Program” वास्तव में ग्राहक को सुरक्षा देता है, या खरीदारी के बाद ग्राहक खुद को ऐसी policy के बीच फंसा हुआ पाता है जिसमें उसके विकल्प बेहद सीमित हैं?

Jaysole India को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। क्योंकि ग्राहक के लिए असली भरोसा “Buy Now” बटन दबाने से नहीं, बल्कि समस्या आने के बाद कंपनी के व्यवहार से बनता है।

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