Home देश दिल्ली पैसे लेने के बाद सेवा गायब? RegisterKaro पर बढ़े धोखाधड़ी के आरोप

पैसे लेने के बाद सेवा गायब? RegisterKaro पर बढ़े धोखाधड़ी के आरोप

RegisterKaro को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों, खासकर लिंक्डइन और उपभोक्ता शिकायत वेबसाइटों पर बड़ी संख्या में गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जिनमें उपभोक्ताओं ने पैसे लेने के बाद सेवा न मिलने, गलत बयानी और मानसिक उत्पीड़न जैसी बातें लिखी हैं। यह विवाद अब इतना बढ़ चुका है कि कई पीड़ित लोग इसे संगठित पैमाने पर हो रही गड़बड़ी और उपभोक्ता अधिकारों के खुले उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं, हालांकि कानूनी रूप से “धोखाधड़ी साबित करना” अभी न्यायालयों और नियामक एजेंसियों के दायरे में है।

ऑनलाइन सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता

पिछले कुछ वर्षों में कंपनी रजिस्ट्रेशन, जीएसटी पंजीकरण, ट्रेडमार्क, कॉर्पोरेट कम्प्लायंस जैसी सेवाएँ देने वाली ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कंपनियों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। ये प्लेटफॉर्म आम तौर पर यह दावा करते हैं कि वे स्टार्टअप, फाउंडर्स और छोटे उद्यमियों के लिए कागज़ी काम और सरकारी प्रक्रियाएँ आसान बना देते हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों बचते हैं।

इसी श्रेणी में आने वाली एक सेवा RegisterKaro है, जो SAFE LEDGER PRIVATE LIMITED नामक कंपनी के ट्रेडमार्क/ब्रांड के तौर पर बताई जाती है और कॉर्पोरेट व कानूनी सेवाओं का ऑनलाइन पैकेज ऑफर करती है।

लिंक्डइन पर उभरी शिकायतों की लहर

लिंक्डइन, जो आम तौर पर पेशेवर नेटवर्किंग और करियर‐संबंधी चर्चाओं के लिए जाना जाता है, पिछले कुछ महीनों से RegisterKaro के खिलाफ शिकायतें दर्ज करने का प्रमुख मंच बनकर उभरा है। कई यूज़र्स ने लंबी पोस्ट लिखकर खुद को “MIS‑SELLING”, “SCAM” और “FRAUD” का शिकार बताया है और विस्तार से वर्णन किया है कि कैसे उनसे पैसे लेकर वादा की गई सेवाएँ समय पर या बिल्कुल भी नहीं दी गईं।

कुछ पोस्टों में तो यूज़र्स ने साफ शब्दों में लिखा है कि RegisterKaro के सेल्स कॉल लगातार आते हैं, पैकेज बेचने तक तो टीम बहुत सक्रिय रहती है, लेकिन भुगतान होते ही कम्युनिकेशन लगभग बंद हो जाता है और काम की प्रगति की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। कई पीड़ितों ने यह भी दावा किया है कि कॉल उठे भी तो केवल और सेवाएँ बेचने के लिए, पहले से पेंडिंग काम की बात आते ही जवाब टालमटोल भरा हो जाता है।

उपभोक्ताओं के अनुभव: आरोपों का पैटर्न

विभिन्न लिंक्डइन पोस्ट और उपभोक्ता शिकायत पोर्टलों पर उपलब्ध अनुभवों में कुछ समान पैटर्न साफ दिखाई देते हैं। प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:

  • भुगतान के बाद “गायब” हो जाना
    कई यूज़र्स ने लिखा है कि ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद कंपनी की तरफ से जवाब आना लगभग बंद हो गया; कॉल और मैसेज का जवाब न के बराबर रहा, जिससे उन्हें लगा कि पैसा डूब गया है।

  • बार‑बार अलग‑अलग लोगों के कॉल, लेकिन काम नहीं
    कुछ शिकायतों के अनुसार, RegisterKaro की अलग‑अलग टीम के लोग बार‑बार फोन या व्हाट्सऐप पर संपर्क कर नए पैकेज या “अपग्रेड” बेचने की कोशिश करते हैं, जबकि पुराना काम ही पूरा नहीं हुआ होता।

  • दस्तावेज़ों में गड़बड़ी और कम्प्लायंस जोखिम
    एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा गया कि कंपनी में तीन निदेशक होने के बावजूद फाइलिंग केवल दो के नाम से कर दी गई, जो आगे चलकर गंभीर कानूनी समस्या पैदा कर सकती थी। शिकायतकर्ता के अनुसार यह “सिर्फ खराब सेवा नहीं, बल्कि व्यवस्थित धोखा” जैसा लगा।

  • अतिरिक्त भुगतान की माँग और अस्पष्ट चार्जेज
    उपभोक्ता शिकायत पोर्टलों पर दर्ज कुछ मामलों में आरोप है कि शुरुआती फीस लेने के बाद फाइलिंग या प्रक्रिया के बीच में नई‐नई मदों के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे गए, और मना करने पर काम रोक दिया गया या देरी की गई।

  • मानसिक तनाव, समय और पैसा — तीनों का नुकसान
    कई पीड़ितों ने सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि लगातार फॉलोअप, अनिश्चितता और जवाब न मिलने से हुए मानसिक तनाव और समय की बर्बादी का भी ज़िक्र किया है। कुछ ने लिखा कि “रिफंड मिल भी जाए तो जो चिंता और तनाव सहना पड़ा, उसका कोई मुआवज़ा नहीं हो सकता।”

उपभोक्ता शिकायत पोर्टलों पर दर्ज केस

लिंक्डइन के अलावा, उपभोक्ता शिकायत वेबसाइटों पर भी RegisterKaro या इसकी पेरेंट कंपनी SAFE LEDGER PRIVATE LIMITED के खिलाफ कई केस दर्ज हैं। इन मामलों में आम तौर पर शिकायत इस प्रकार की है कि कंपनी ने सेवाएँ वादा करने के बावजूद समय पर नहीं दीं, गलत जानकारी दी या शुल्क की संरचना स्पष्ट नहीं रखी।

कुछ केस में शिकायतकर्ताओं ने सीधे तौर पर “services is fraud”, “deficiency of service, misrepresentation and unfair charges” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है और रिफंड व मुआवज़े की माँग की है। एक विस्तृत लेख में तो RegisterKaro को “A Serial Abuser Of The Consumer Rights” तक कहा गया है, जिसमें दावा है कि कंपनी ने उपभोक्ता अधिकारों का बार‑बार उल्लंघन किया है।

कुछ शिकायतों के अनुसार, दस्तावेज़ों के दुरुपयोग और क्लाइंट के डेटा से “फर्जी कंपनियाँ” बनाए जाने जैसी बेहद गंभीर बातें भी उठाई गई हैं, हालांकि इन्हें साबित करना और अंतिम निष्कर्ष निकालना जांच एजेंसियों और अदालतों के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

याचिकाएँ और सामूहिक कार्रवाई की माँग

बढ़ती शिकायतों के बीच एक ऑनलाइन याचिका भी नज़र आती है, जिसमें RegisterKaro के खिलाफ “Online FRAUD” के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की माँग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इतने बड़े पैमाने पर सामने आ रही उपभोक्ता शिकायतों को देखते हुए संबंधित नियामक और जांच एजेंसियों को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

इसके अलावा, लिंक्डइन चर्चाओं में कई यूज़र्स पीड़ितों को सलाह दे रहे हैं कि वे संस्थागत स्तर पर कार्रवाई करें, जैसे कि:

  • उपभोक्ता फोरम और ऑनलाइन ग्रिवेंस प्लेटफॉर्मों पर मामला दर्ज करना।

  • पेशेवर नियामक संस्थाओं जैसे कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से जुड़े मामले में संबंधित संस्था के समक्ष औपचारिक शिकायत करना।

कंपनी की प्रतिक्रियाएँ और रिफर्ड के दावे

कुछ पीड़ितों ने यह भी लिखा है कि जब उन्होंने सोशल मीडिया पर विस्तृत पोस्ट डाली, तो उसके बाद RegisterKaro की ग्राहक सेवा टीम ने संपर्क कर रिफंड प्रोसेस किया। एक लिंक्डइन पोस्ट के अपडेट में यूज़र ने बताया कि पोस्ट वायरल होने के अगले दिन कंपनी ने पूरा पैसा वापस कर दिया, हालांकि पोस्ट हटाने की मौखिक इच्छा भी जताई थी, जिसे यूज़र ने यह कहते हुए ठुकराया कि मानसिक trauma, anxiety और समय की बर्बादी वापस नहीं आ सकती।

लिंक्डइन के कुछ थ्रेड्स में कंपनी की ओर से या उससे जुड़े प्रोफाइलों की टिप्पणियाँ भी दिखाई देती हैं, जिनमें वे समस्या सुलझाने, कॉल पर बात करने और “गलतफहमी दूर करने” की बात कहते हैं। यह संकेत देता है कि सार्वजनिक रूप से मुद्दा उठने पर कम से कम कुछ मामलों में कंपनी निपटान या रिफंड की कोशिश करती है, हालांकि पीड़ितों का आरोप है कि यह कदम प्रायः तभी उठाया जाता है जब मामला सोशल मीडिया पर सामने आ जाता है।

दूसरी ओर: कुछ सकारात्मक समीक्षाएँ भी मौजूद

यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ रिव्यू प्लेटफॉर्मों पर RegisterKaro के बारे में सकारात्मक या मिश्रित समीक्षाएँ भी मौजूद हैं, जहाँ ग्राहकों ने समय पर सेवा मिलने और आसान प्रोसेस का ज़िक्र किया है। ऐसे प्लेटफॉर्मों पर कुल मिलाकर रेटिंग “बहुत खराब” के बजाय “मिश्रित” श्रेणी में दिखती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सभी ग्राहकों का अनुभव एक जैसा नहीं है।

आलोचक यह तर्क देते हैं कि अच्छी रेटिंग और सकारात्मक कमेंट्स का एक हिस्सा “पेड” या प्रेरित रिव्यू भी हो सकता है, जबकि कंपनी का पक्ष यह हो सकता है कि नकारात्मक मामलों की तुलना में सेवित ग्राहकों की संख्या कहीं ज़्यादा है। वास्तविक तस्वीर जानने के लिए किसी स्वतंत्र, निष्पक्ष जांच की ज़रूरत होगी जो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

कानूनी स्थिति: आरोप बनाम प्रमाण

किसी भी कंपनी या व्यक्ति पर “धोखाधड़ी”, “फ्रॉड” या “स्कैम” जैसे शब्दों का उपयोग कानूनी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील होता है। भारतीय क़ानून के तहत ऐसे आरोपों को सिद्ध करने के लिए ठोस प्रमाण, विस्तृत जाँच और न्यायालय का आदेश आवश्यक होता है।

फिलहाल जो तस्वीर सामने आती है, वह यह है कि:

  • बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने RegisterKaro के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए विस्तृत अनुभव लिखे हैं।

  • कुछ मामलों में रिफंड और विवाद निपटाने की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

  • परंतु किसी सक्षम अदालत द्वारा कंपनी को “धोखाधड़ी में दोषी” ठहराने वाला सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट रूप से नज़र नहीं आता।

इसलिए, पत्रकारिता के दृष्टिकोण से किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने के बजाय यह कहना अधिक उचित है कि RegisterKaro को लेकर गंभीर और दो‑टूक आरोप ज़रूर हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच और नियामकीय समीक्षा की सख्त ज़रूरत है।

आम उपभोक्ताओं के लिए सावधानियाँ

ऐसे मामलों से सामान्य उपभोक्ताओं और स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए कई महत्वपूर्ण सीखें निकलती हैं।

  • कंपनी की पृष्ठभूमि जाँचें
    किसी भी ऑनलाइन सेवा, विशेषकर कानूनी और वित्तीय महत्व वाली सेवाओं के लिए पैसे देने से पहले कंपनी का पंजीकरण, संस्थापकों की प्रोफाइल, पुराने क्लाइंट्स और स्वतंत्र रिव्यू प्लेटफॉर्मों पर रेटिंग अच्छी तरह जाँच लें।

  • सिर्फ चमकदार विज्ञापन या कॉल से प्रभावित न हों
    आक्रामक टेलीमार्केटिंग, “सीमित समय ऑफर”, “आज ही डिस्काउंट” जैसे जुमले कई बार दबाव बनाकर जल्दी निर्णय लेने पर मजबूर करते हैं; ऐसे में शांति से सोचकर निर्णय लेना ज़रूरी है।

  • लिखित एग्रीमेंट और रिफंड पॉलिसी स्पष्ट रखें
    भुगतान करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि सेवाओं का स्कोप, टाइमलाइन, शुल्क और रिफंड की शर्तें लिखित रूप से आपके पास हों और आप उन्हें समझते हों।

  • संदेह होने पर तुरंत कार्रवाई
    अगर आपको लगता है कि सेवा वादे के अनुसार नहीं मिल रही, तो ईमेल, व्हाट्सऐप और कॉल रिकॉर्ड जैसी चीज़ों को सुरक्षित रखते हुए तुरंत लिखित शिकायत करें; ज़रूरत पड़े तो उपभोक्ता फोरम या नियामक संस्था से संपर्क करें।

जवाबदेही और पारदर्शिता की माँग

RegisterKaro के खिलाफ उठ रहे सवाल केवल एक कंपनी या कुछ ग्राहकों की निजी लड़ाई भर नहीं हैं, बल्कि यह पूरे ऑनलाइन सेवा उद्योग के लिए एक चेतावनी की तरह हैं कि पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को नज़रअंदाज़ करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

लिंक्डइन, उपभोक्ता शिकायत पोर्टल और ऑनलाइन याचिकाओं पर सामने आई सामग्री यह दिखाती है कि बड़ी संख्या में लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और वे न सिर्फ अपने पैसे की भरपाई, बल्कि न्याय और प्रणालीगत सुधार की भी माँग कर रहे हैं। अब गेंद नियामकों, न्यायालयों और स्वयं कंपनी के पाले में है कि वे किस तरह इन आरोपों की जाँच, सफाई और सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाते हैं।

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