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Tuesday, February 17, 2026

राजस्थान में नायब तहसीलदार की आत्महत्या से हड़कंप, सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला शव

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नायब तहसीलदार नरेंद्र साहू ने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर खुदकुशी की, प्रशासन में मचा हड़कंप।

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हनुमानगढ़: दीपावली से ठीक पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भादरा उपखंड कार्यालय में कार्यरत नायब तहसीलदार नरेंद्र साहू ने शनिवार की सुबह अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे घरेलू सहायिका जब आवास पर पहुंची, तो उसने कमरे का दरवाजा बंद पाया। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। थानाधिकारी हनुमान बिश्नोई और एसडीएम भागीरथ राव मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा गया। अंदर नरेंद्र साहू का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भादरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया।

सुसाइड नोट नहीं मिला

पुलिस ने मौके की गहन तलाशी ली, लेकिन किसी भी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी नरेंद्र साहू के परिवार, सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि वे किसी मानसिक दबाव या निजी परेशानी में थे या नहीं।

अंतिम पलों तक कर रहे थे काम

जानकारी के अनुसार, नरेंद्र साहू ने आत्महत्या से ठीक कुछ घंटे पहले एक लॉअर डिवीजन क्लर्क को कॉल कर किसानों के खाद वितरण और टोकन व्यवस्था की जानकारी ली थी। इसके बाद उन्होंने खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठा लिया। पुलिस का कहना है कि वे हाल ही में अपने सरकारी आवास में अकेले रह रहे थे क्योंकि उनके सहयोगी कर्मचारी छुट्टी पर गए हुए थे।

कौन थे नरेंद्र साहू?

मृतक नरेंद्र साहू चूरू जिले के तारानगर तहसील के डाबड़ी गांव के निवासी थे। वे लगभग एक साल से भादरा में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे। वे राजस्व विभाग के एक जिम्मेदार और शांत अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनका इस तरह आत्महत्या कर लेना प्रशासन और तहसील के कर्मचारियों के लिए बेहद चौंकाने वाला है।

जांच जारी

पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत तनाव या मानसिक चिंता की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। घटना की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने राज्य मुख्यालय को भेज दी है।

इस घटना से प्रशासन में गहरा शोक है और कर्मचारियों में मानसिक तनाव के मुद्दे पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मृतक अधिकारी को श्रद्धांजलि दी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

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