‘राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ेगी तो कोई समस्या नहीं’, अयोध्‍या में CM योगी ने कह दी ये बड़ी बात

अयोध्‍या पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा क‍ि मेरी तीन पीढ़ियां श्री राम जन्‍मभूमि आंदोलन के ल‍िए समर्प‍ित थीं मुझे कोई समस्‍या नहीं थी लेक‍िन शासकीय व्‍यवस्‍था ज‍िस नौकरशाही से जकड़ी होती है उस नौकरशाही में बड़ा वर्ग ऐसा था जो कहता था क‍ि मुख्‍यमंत्री के रूप में अयोध्‍या जाने पर व‍िवाद खड़ा हो जाएगा। हमने कहा क‍ि व‍िवाद खड़ा होता है तो होने दीज‍िए।

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रामनगरी अयोध्‍या पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा क‍ि मेरी तीन पीढ़ियां श्री राम जन्‍मभूमि आंदोलन के ल‍िए समर्प‍ित थीं, मुझे कोई समस्‍या नहीं थी, लेक‍िन शासकीय व्‍यवस्‍था ज‍िस नौकरशाही से जकड़ी होती है उस नौकरशाही में बड़ा वर्ग ऐसा था, जो कहता था क‍ि मुख्‍यमंत्री के रूप में अयोध्‍या जाने पर व‍िवाद खड़ा हो जाएगा।

हमने कहा क‍ि व‍िवाद खड़ा होता है तो होने दीज‍िए… लेक‍िन अयोध्‍या के बारे में कुछ सोचने के आवश्‍यकता है। फ‍िर एक वर्ग ऐसा था ज‍िसने कहा था क‍ि आप जाएंगे फ‍िर राम मंद‍िर की बात होगी।

तो मैंने कहा क‍ि कौन हम सत्ता के ल‍िए आए हैं, राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ेगी तो कोई समस्या नहीं चाह‍िए।

 

इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने 2017 में जब अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजन को आगे बढ़ाया था हमारे मन में एक ही बात थी कि कैसे भी हो अयोध्या को उसकी पहचान मिलनी चाहिए, अयोध्या को वो सम्मान मिलना चाहिए, जिसकी वह हकदार है. आप देख रहे होंगे दीपावली के एक दिन पहले अयोध्या का दीपोत्सव एक फेस्टिवल बन गया है, समाज का एक पर्व बन गया है.

बकौल CM योगी- एक वर्ग ऐसा था जो कहता था कि मुख्यमंत्री के रूप में अयोध्या जाने से विवाद खड़ा होगा. हमने कहा विवाद खड़ा होता तो होने दीजिए लेकिन अयोध्या के बारे में कुछ सोचने की आवश्यकता है. एक वर्ग ऐसा भी था जिसने कहा कि आप जाएंगे फिर राम मंदिर की बात होगी तो मैंने कहा कौन हम सत्ता के लिए आए हैं, राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ेगी तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि श्री अयोध्या धाम भारत के सनातन धर्म की आधार भूमि है, सप्तपुरियों में प्रथम है. अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल के शुभारंभअवसर पर मैंने यहां स्थित राज सदन पैलेस में आयोजित ‘Timeless Ayodhya: Literature & Arts Festival’ कार्यक्रम में सहभाग किया. रामायण दुनिया का पहला महाकाव्य बना और आमजन में इतना लोकप्रिय हुआ कि भारत समेत विश्व की विभिन्न भाषाओं में लोगों के हृदय को छू रहा है.

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