अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर दो–टूक चेतावनी देते हुए कहा कि देश को “एक रात में ही खत्म किया जा सकता है”, जबकि दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप ने साथ ही अमेरिकी सेना द्वारा फँसे हुए अमेरिकी पायलटों को बचाने के मिशन को “इतिहास रचने वाले” ऑपरेशन करार देते हुए वाशिंगटन की सैन्य ताकत और रणनीतिक दबाव को उजागर किया।
“जो भी ज़रूरी होगा, वह करेंगे”
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को फँसे हुए अपने कर्मियों को वापस लाने के लिए “जो भी ज़रूरी होगा, वह करें” का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि मिशन में 21 विमान तैनात किए गए थे और यह अभियान खतरनाक हालात में भी तेजी से काम करने की अमेरिकी सेना की क्षमता का साफ संकेत है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने दोहराया कि अगर ईरान ने उनकी चेतावनियां नहीं मानी तो उपलब्ध ताकत का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा सकता है, जिसकी तैयारी अमेरिका ने पहले से कर ली है।
विशाल एयर कैंपेन और F‑15 की मौत
ट्रंप ने बताया कि दूसरे रेस्क्यू ऑपरेशन में चार बमवर्षक, 64 लड़ाकू विमान, 48 फ्यूल टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान तैनात किए गए, जो एक बहुत बड़े और समन्वित सैन्य पैकेज को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 37 दिनों में ईरान के ऊपर 10,000 से ज़्यादा कॉम्बैट फ्लाइट्स की गई हैं, जो अमेरिकी सैन्य इतिहास में अनोखा आंकड़ा है।
इस दौरान ईरानी वायु रक्षा द्वारा एक अमेरिकी F‑15 विमान को भी दागा गया, जो इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिका का पहला मानव युक्त हमलावी विमान है जो शत्रु द्वारा नीचे लाया गया। इस घटना ने युद्ध की तीव्रता को और गहरा दिया है।
लीक हंट और मीडिया को चेतावनी
ट्रंप ने आरोप लगाया कि एक अनजान व्यक्ति ने दूसरे फँसे हुए पायलट के बारे में जानकारी लीक कर दी, जिससे रेस्क्यू मिशन बहुत मुश्किल हो गया। उनका कहना था कि इरान को उस पायलट के बारे में पहले कुछ नहीं पता था, और लीक ने उसकी जान पर सीधे खतरा पैदा कर दिया।
उन्होंने मीडिया संगठनों को भी चेतावनी दी कि अगर वे लीक के स्रोत का खुलासा नहीं करते तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। ट्रंप ने कहा कि लीक की जांच जारी है और वे उम्मीद रखते हैं कि जिम्मेदार लोग पकड़े जाएंगे।
इस तरह, ट्रंप ने एक तरफ अमेरिका की ताकत और रेस्क्यू सफलता को उजागर किया है तो दूसरी तरफ ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए एक नई भीषण चेतावनी देकर क्षेत्रीय तनाव को और भी ऊंचा खींच दिया है।
