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Tuesday, February 17, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने त्रिवेणी संगम में लगाई पवित्र डुबकी

परिवार संग पहुंचे प्रयागराज, कुंभ 2027 की तैयारियों पर भी दिया बयान

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार सुबह अपनी पत्नी, मां और बेटे के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। मुख्यमंत्री धामी ने इस आध्यात्मिक अवसर को अपने लिए सौभाग्यशाली बताया और कहा कि यह एक अद्भुत अनुभव है।

पवित्र स्नान करने के बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने संगम तट पर पक्षियों को दाना खिलाया। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा, “पूरी दुनिया से श्रद्धालु यहां आकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं… मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे भी यहां आने का अवसर मिला।” उन्होंने आगे कहा कि हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं।

रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने महाकुंभ 2025 के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रयागराज में स्थापित ‘उत्तराखंड मंडपम’ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां ठहरे श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी सुविधा व व्यवस्था की जानकारी ली। सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों पर उत्तराखंड सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान अपने प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष सुविधा स्थापित की है।

मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ में उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास और भोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मंडपम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड की संस्कृति को जानने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

मुख्यमंत्री धामी ने निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर Swami Kailashanand Giri और परमार्थ निकेतन प्रमुख Chidanand Saraswati के साथ ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा, उन्होंने महाकुंभ में आयोजित ‘ज्ञान महाकुंभ’ के तहत ‘भारतीय शिक्षा: राष्ट्रीय अवधारणा’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, रविवार को करीब 84.29 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। अब तक महाकुंभ 2025 में 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।

गौरतलब है कि महाकुंभ 2025, जो 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा) से शुरू हुआ था, दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। यह भव्य आयोजन महाशिवरात्रि (26 फरवरी) तक जारी रहेगा। अब तक करोड़ों श्रद्धालु इस धार्मिक मेले का हिस्सा बन चुके हैं और यह आयोजन नए रिकॉर्ड स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है।

महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रयागराज में व्यापक स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था ना हो। इसके अलावा, स्वच्छता अभियान चलाकर कुंभ क्षेत्र को साफ और सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

महाकुंभ के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण परिवहन सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। रेलवे और बस सेवाओं को बढ़ाया गया है, और विभिन्न शहरों से कुंभ स्थल तक विशेष ट्रेनें और बसें चलाई जा रही हैं।

महाकुंभ में धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाता है।

महाकुंभ में देशभर के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल सहित कई देशों से श्रद्धालुओं का समूह यहां पवित्र स्नान और आध्यात्मिक लाभ लेने आ रहा है।

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