Home क्राइम किसान नेता राकेश टिकेत हिरासत में!

किसान नेता राकेश टिकेत हिरासत में!

पुलिस ने किसान नेता राकेश टिकैत को रोक लिया। जिसके बाद बड़ी संख्या में किसान टप्पल बॉर्डर पर जमा हो गए। किसानों को रोककर उन्हें बस में भरकर पुलिस थाने ले आई।

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Rakesh Tikait: अलीगढ़ जिले के टप्पल में पुलिस ने किसान नेता राकेश टिकैत को रोक लिया। जिसके बाद बड़ी संख्या में किसान टप्पल बॉर्डर पर जमा हो गए। किसानों को रोककर उन्हें बस में भरकर पुलिस थाने ले आई।
बुधवार (4 दिसंबर) को नोएडा जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत को यमुना-एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने रोक लिया। पुलिस उन्हें टप्पल थाने ले आई। किसान नेता का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान न होने पर वह लखनऊ तक ट्रैक्टर यात्रा शुरू करेंगे। अब आरपार की लड़ाई होगी।

दलित प्रेरणा स्थल से किसानों को हटाकर जेल भेजने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को नोएडा ग्रीनो के जीरो प्वांट पर महापंचायत बुलाई है। उन्हीं को मनाने के लिए डीएम, एसएसपी समेत पुलिस -प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही किसान नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।

किसान नोएडा महापंचायत में जाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसी बीच टप्पल में यमुना एक्सप्रेस वे पर राकेश टिकैत और किसानों को रोककर उन्हें बस में भरकर पुलिस थाने ले आई।

प्रशासन में हुई नोंक- झोंक!
टप्पल थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत और अन्य किसान नेता नोएडा कूच के लिए निकले थे। पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर उनकी कार को रोक दिया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। राकेश टिकैत और उनके साथ मौजूद सैकड़ों किसान नेता यमुना एक्सप्रेसवे के बीचों-बीच पैदल चलते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। टिकैत एक कार में सवार थे, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में रोक लिया।

पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों को रोकने के लिए कई वाहनों को सड़क पर खड़ा कर दिया और एक साइड को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और राकेश टिकैत के बीच तीखी बहस हुई। टिकैत ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।

राकेश टिकैत- हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमें जबरन रोका। किसानों को परेशान किया जा रहा है। हमारी गाड़ियों को रोकने के लिए वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।”

क्या है माँग- भूमि अधिग्रहण पर उचित मुआवजा!
भूमि अधिग्रहण पर उचित मुआवजे की मांग
1. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 64% अतिरिक्त मुआवजा लागू किया जाए।
2. किसानों की खाली जमीनों पर सरकारी कब्जा खत्म किया जाए।
राकेश टिकैत और किसानों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए अपना संघर्षपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेंगे और किसी भी हाल में पीछे नही हटेंगे । वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन द्वारा भी कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रयास जारी है।

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