पाकिस्तान में सेना के काफिले पर बड़ा हमला, BLA ने 90 सैनिकों को मार डाला

पाकिस्तान में सेना के काफिले पर बड़ा हमला हुआ। बलूचिस्तान में नुश्की में IED ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 40 सैनिक मारे गए हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले को जिम्मेदार ठहराया है। BLA ने 40 सैनिकों को मार डाला है।

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रविवार को पाकिस्तान में सेना के काफिले पर बड़ा हमला हुआ। बलूचिस्तान में नुश्की में IED ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 40 सैनिक मारे गए हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले को जिम्मेदार ठहराया है। BLA ने 40 सैनिकों को मार डाला है। वहीं, पाकिस्तानी सरकार ने 11 सैनिकों की मौत और 21 के घायल होने की पुष्टि की है। ये सभी सैनिक क्वेटा से काफ्ताना चले गए। बीएलए के घात लगाए बैठे विद्रोहियों ने आईईडी से उनके काफिले पर हमला कर दिया।

पाकिस्तानी सैनिकों के काफिले में आठ बसें और अन्य वाहन थे। BLLA विद्रोहियों ने पहले ICE से बसों को निशाना बनाया। हमले में सेना की एक बस खत्म हो गई। BLCA ने पाकिस्तान को एक हफ्ते में दूसरी बार लक्ष्य किया है। 11 मार्च को बलूच लिबनेशन आर्मी के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस को पकड़ा। बलूचिस्तान भी इन हमलों का लक्ष्य था। इस घटना में ट्रेन में सवार 21 लोगों की मौत हो गई। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ट्रेन को रोकने के बाद 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए पाकिस्तान सरकार से सभी बलूच राजनीतिक कैदियों और जबरन गायब हुए लोगों को रिहा करने की मांग की। BLAH ने महज छह दिन में दूसरा हमला कर पाकिस्तानी सैनिकों को लक्ष्य किया है।

11 मार्च, मंगलवार को पाकिस्तान के क्वेटा से जाफर एक्सप्रेस पेशावर जा रही थी। इस ट्रेन में 440 लोग थे। तभी ट्रेन को सशस्त्र विद्रोहियों ने घात लगाया। पहले वे पटरी को बम से उड़ाए। फिर ड्राइवर को गोली मारकर घायल कर दिया और ट्रेन को हाईजैक कर दिया। सेना और विद्रोही करीब ३० घंटे तक घातक संघर्ष करते रहे। गत सैन्य अभियान में सभी 33 बीएलए विद्रोही मारे गए, जबकि इस घटना में 21 नागरिक और चार सुरक्षाकर्मी मारे गए।

बलूचिस्तान में पिछले एक वर्ष में आतंकवादी हमले बढे हैं। नवंबर 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती धमाके में 26 लोग मारे गए और 62 घायल हुए। तेल और खनिज से संपन्न बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा क्षेत्रफल लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। बलूचिस्तान, जो ईरान और अफगानिस्तान की सीमा पर है, लंबे समय से हिंसक अलगाववाद से जूझ रहा है। बलूच विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा कर्मियों, सरकारी परियोजनाओं और क्षेत्र में 60 अरब डॉलर की लागत वाली चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं पर हमले करते रहते हैं।

 

 

 

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