ईरान युद्ध संकट में होर्मुज पर अंतरराष्ट्रीय बैठक, भारत ने उठाई नाविकों की हानि का मुद्दा

होर्मुज पर ब्रिटेन की बैठक में भारत ने नाविकों की हानि का मुद्दा उठाया। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कूटनीति पर जोर दिया।

ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इसी बीच गुरुवार को ब्रिटेन की अध्यक्षता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 60 से अधिक देशों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने वर्चुअल माध्यम से किया।

बैठक का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर मुक्त और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना था। मिस्त्री ने जोर दिया कि वर्तमान संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत भी इसका शिकार हो रहा है और समाधान का एकमात्र रास्ता कूटनीति व संवाद है।

विदेश सचिव ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में भारत को नुकसान हुआ है और भारतीय नाविकों की जान गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके नागरिकों को यह नुकसान झेलना पड़ा। इससे संकट की गंभीरता और बढ़ जाती है।

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक में भारत की भागीदारी की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने भारत को आमंत्रित किया और विक्रम मिस्त्री इसमें शामिल हुए। जायसवाल ने बताया कि भारत ईरान समेत संबंधित देशों के संपर्क में है, ताकि LNG, PNG जैसे जरूरी उत्पादों वाले भारतीय जहाज सुरक्षित पहुंचें।

रणधीर जायसवाल के अनुसार, अब तक भारत के छह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं, जो तनावपूर्ण स्थिति में राहत की खबर है। भारत लगातार प्रयासरत है कि बाकी जहाज भी सुरक्षित पार करें।

यह बैठक वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। भारत ने कूटनीतिक रुख अपनाते हुए सभी पक्षों से शांति की अपील की है।

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