सांवलिया सेठ के भंडार में पहले दिन निकले 10.11 करोड़ रुपये, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर का मासिक भंडार मंगलवार को खोला गया। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर मंडल अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में भगवान श्री सांवलिया सेठ की विशेष भोग आरती के बाद दानपेटियां खोली गईं। इसके बाद नोटों से भरे बोरों को मंदिर परिसर स्थित सत्संग हॉल में पहुंचाया गया, जहां दानराशि की गिनती का काम शुरू किया गया।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, पहले दिन केवल नोटों की गिनती की गई, जिसमें 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये की नकद दानराशि सामने आई है। हालांकि यह केवल शुरुआती आंकड़ा है, क्योंकि अभी कई दानपेटियों की गिनती और अन्य मूल्यवान चढ़ावे का आकलन बाकी है।

दानराशि की गिनती के लिए 150 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। ये कर्मचारी पूरे दिन नोटों की छंटाई, बंडल तैयार करने और मशीनों की सहायता से गिनती का कार्य कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि चढ़ावा इतना अधिक है कि पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में 5 से 6 चरण लग सकते हैं।

अभी सोने-चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्रा और अन्य मूल्यवान चढ़ावे की गिनती होना बाकी है। इनके आकलन के बाद ही इस महीने के कुल चढ़ावे का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। हर महीने लाखों श्रद्धालु देशभर से सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।

मंदिर प्रशासन ने बताया कि बुधवार से दानराशि की गिनती का अगला चरण फिर शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुल चढ़ावे का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

मेवाड़ का श्री सांवलिया सेठ मंदिर आज देश के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में गिना जाता है। यहां आने वाला चढ़ावा केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि हर माह भंडार खुलने के साथ देशभर के श्रद्धालुओं और आम लोगों की नजर इस पर बनी रहती है।

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