सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने आमरण अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उपवास तोड़ा। अनशन समाप्त करते हुए वांगचुक ने कहा कि लंबी बातचीत, विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों की अपील और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “मैं आभारी हूं और खुशी-खुशी अपना उपवास समाप्त करता हूं।”
#WATCH एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने मेदांता हॉस्पिटल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल तोड़ी। pic.twitter.com/KUCsthGm9N
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि 65 सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर या पत्र लिखकर उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद उन्हें भरोसा दिया गया कि उनकी प्रमुख मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।
वांगचुक ने कहा कि वह जल्द ही एक अलग वीडियो जारी कर बातचीत में हुई सहमति, शर्तों और आगे की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।
अनशन समाप्त करने के दौरान मेडिकल टीम ने उन्हें तरल पदार्थ पिलाकर उपवास तुड़वाया। इस मौके पर पारंपरिक सम्मान स्वरूप उन्हें एक शॉल भी भेंट की गई। उन्होंने अपने परिवार, लेह एपेक्स बॉडी, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस और सभी समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में सभी ने उनका मनोबल बनाए रखा। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहती और आंदोलनकारियों के साथ संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए कई औपचारिक प्रस्ताव भेजे गए हैं और भविष्य में भी किसी भी मुद्दे पर बातचीत के दरवाजे खुले रहेंगे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हों।” प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि वे शीघ्र अपना सामान्य स्वास्थ्य और वजन प्राप्त करें।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे अपराध लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा सख्त कानून लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
