राजस्थान में अगले कुछ दिनों में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब परिसंचरण तंत्र में बदल गया है, जिसके प्रभाव से 19 जुलाई से प्रदेश के मौसम में बदलाव शुरू होगा और 20 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 19 जुलाई के लिए पूर्वी राजस्थान के 16 जिलों में मेघगर्जन और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर और टोंक शामिल हैं। इस दिन पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले के लिए अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इसके बाद 20, 21 और 22 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के सभी 28 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, प्रतापगढ़, सिरोही, सीकर, झुंझुनूं समेत सभी प्रमुख जिलों में हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून धीरे-धीरे सक्रिय होगा। 20 से 22 जुलाई के बीच चूरू, डीडवाना-कुचामन और हनुमानगढ़ में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 21 और 22 जुलाई को श्रीगंगानगर, पाली, नागौर और जालोर तथा 22 जुलाई को बालोतरा और बीकानेर में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 और 21 जुलाई को कोटा, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। वहीं 22 और 23 जुलाई को कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 22 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं।
इधर, बारां जिले के मऊ और मांगरोल क्षेत्र में शनिवार शाम हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रही सोयाबीन समेत खरीफ फसलों को नई ऊर्जा मिली है, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है।
