बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले सभी प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि इस उपचुनाव में बीजेपी की हार तय है।
प्रचार अभियान के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव केवल बांकीपुर का विधायक चुनने का नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि जनता के पास उनसे बेहतर नेतृत्व चुनने का अवसर है।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “यह चुनाव बीजेपी के उस अहंकार को तोड़ने का है, जिसमें उन्हें लगता था कि अगर वे किसी भी उम्मीदवार को मैदान में उतार देंगे तो बांकीपुर की जनता उसे जिता देगी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज बीजेपी को देशभर से नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाकर चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता लगातार बांकीपुर में डेरा डाले हुए हैं और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि जिन घरों तक पहले स्थानीय जनप्रतिनिधि भी नहीं पहुंचते थे, वहां आज केंद्रीय मंत्री कई-कई बार जा रहे हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव इस बात का संकेत है कि मतदाता अब अपने अधिकार और ताकत को समझने लगे हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य बिहार की राजनीति को दो ध्रुवों—आरजेडी और बीजेपी—की पारंपरिक लड़ाई से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि यदि जनता जागरूक होगी तो चाहे मंत्री हों या विधायक, सभी को जनता के बीच आकर जवाब देना पड़ेगा।
बीजेपी नेताओं द्वारा उन्हें “बहरूपिया” बताए जाने के सवाल पर भी प्रशांत किशोर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी को अपनी ताकत पर इतना भरोसा है तो वह पूरे राज्य से हजारों कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेताओं को बुलाने के बजाय अकेले चुनाव लड़कर दिखाए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने चुनाव प्रचार के लिए पूरे बिहार से हजारों कार्यकर्ताओं को बांकीपुर में लगाया है और राष्ट्रीय स्तर के नेता भी लगातार प्रचार कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ गलत पोस्टर लगाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल को अपनी हार का अंदेशा होने लगता है, तब वह इस तरह की रणनीतियों का सहारा लेता है।
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। इस सीट पर मुकाबला प्रतिष्ठा का बन गया है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत चुनाव मैदान में झोंक दी है।
