Washington, Jan 21– हाल ही में अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने वाले अमेरिकी Donald Trump ने इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्धविराम पर अपनी शंका व्यक्त की। उन्होंने इसे अस्थिर बताते हुए कहा, “मुझे भरोसा नहीं है।” अपनी पहली विदेश नीति टिप्पणी में ट्रम्प ने इस संघर्ष को क्षेत्रीय मुद्दा बताते हुए अमेरिकी भागीदारी से दूरी बनाए रखने की बात कही।
युद्धविराम की स्थिरता पर संदेह
सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा, “यह हमारा युद्ध नहीं है। यह उनका युद्ध है।” यह बयान उनके प्रशासन की विदेश नीति के सिद्धांतों को दर्शाता है, जो विदेशी संघर्षों में अमेरिका की सीमित भागीदारी पर जोर देता है।
Gaza पुनर्निर्माण का विचार
ट्रम्प ने गाजा की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई, जिसे उन्होंने “बड़े पैमाने पर विध्वंस स्थल” कहा। हालांकि, उन्होंने पुनर्निर्माण की संभावना पर सकारात्मक दृष्टिकोण पेश करते हुए कहा, “गाजा में कुछ खूबसूरत चीजें की जा सकती हैं।” उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक खूबियों जैसे कि तटीय क्षेत्र, मौसम और रणनीतिक स्थिति का उल्लेख किया। ट्रम्प ने संकेत दिया कि यह इलाका स्थिरता के बाद विकास के नए अवसर प्रदान कर सकता है।

व्यावहारिक दृष्टिकोण पर जोर
गाजा के पुनर्निर्माण को लेकर ट्रम्प ने अमेरिकी समर्थन की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई ठोस योजना अभी तैयार नहीं है। उनका यह दृष्टिकोण उनके प्रशासन की विदेश नीति की व्यावहारिकता को उजागर करता है, जो प्रमुख संघर्षों में हस्तक्षेप से पहले व्यापक विचार-विमर्श की वकालत करता है।
International प्रयासों के बीच अमेरिका की भूमिका
इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों के बीच ट्रम्प का यह बयान आया है। मौजूदा युद्धविराम, जो एक बहु-चरणीय योजना का हिस्सा है, स्थायी शांति लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लेकिन इस युद्धविराम की स्थिरता को लेकर बढ़ती शंकाएं और चुनौतियां बनी हुई हैं।
भविष्य की राह
जैसे ही ट्रम्प ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया है, गाजा और मध्य पूर्व पर उनकी टिप्पणी उनके प्रशासन की विदेश नीति प्राथमिकताओं की झलक देती है। गाजा के पुनर्निर्माण के लिए उनकी दृष्टि पूरी होगी या नहीं, यह युद्धविराम की सफलता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करेगा।
फिलहाल, ट्रम्प की टिप्पणियों ने अमेरिका की भूमिका पर नई बहस को जन्म दिया है, जो विश्व के सबसे लंबे समय तक चले संघर्षों में से एक को हल करने के लिए अहम साबित हो सकती है।