दिल्ली के Jamia Millia Islamia University में गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। ये प्रदर्शन 10 फरवरी को दो PHD छात्रों के समर्थन में किया गया था, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। दोनों छात्रों ने 15 दिसंबर 2024 को ‘जामिया प्रतिरोध दिवस’ मनाया था, जिसे 2019 में हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोध प्रदर्शन की बरसी के रूप में आयोजित किया गया था। इस आयोजन के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 25 फरवरी तक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की घोषणा की थी।
सोमवार को भी एक गंभीर मामला सामने आया था जहां Jamia Millia Islamia के 24 वर्षीय छात्र Zeshan पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुए विवाद के दौरान चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने बुधवार को इस मामले की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी Tajammul Islam(22) और उसका साथी Lukmaan(23), दोनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं और नोएडा की एक निजी यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। Tajammul को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि Lukmaan फरार है। घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है।
घटना उस समय हुई जब जीशान अपने दोस्त Safdar Rashid Rathar के साथ एक पार्किंग एरिया में खड़ा था। तभी Tajammul और Lukman ने उन पर कथित तौर पर टिप्पणी की, जिससे विवाद बढ़ गया और झगड़ा हिंसक हो गया।
हमले में घायल Zeshan को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति अब स्थिर है। सफदर की शिकायत के आधार पर न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
Jamia में बढ़ता तनाव Jamia Millia Islamia में हाल के दिनों में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। जहां प्रशासन अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है, वहीं छात्र इसे अपने अधिकारों का हनन मान रहे हैं। पुलिस की तैनाती और विश्वविद्यालय में बढ़ते असंतोष को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
संपत्ति को नुकसान और गेट तोड़ने का आरोप विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दीवारों को खराब करने और कक्षाओं में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने बातचीत करने से इनकार कर दिया और हिंसक रूप से प्रदर्शन किया।
बयान में कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने सेंट्रल कैंटीन और सिक्योरिटी एडवाइजर के गेट को तोड़ दिया, जिससे प्रशासन को मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़े। गुरुवार सुबह प्रशासन और प्रॉक्टोरियल टीम ने धरना स्थल से छात्रों को हटाया और उन्हें कैंपस से बाहर कर दिया। इसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि 20 से अधिक छात्र लापता हैं और 10 हिरासत में लिए गए छात्रों की कोई जानकारी नहीं दी गई है। कुछ छात्रों को विश्वविद्यालय से निलंबन पत्र भी मिला है।
विश्वविद्यालय के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के बाहर एक पैरामिलिट्री कंपनी और 100 से अधिक जवानों को तैनात किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बल को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
छात्रों की प्रमुख मांगे भी शामिल है जिसमे, दो पीएचडी छात्रों के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस को वापस लिया जाए, 2022 में लागू किए गए कैंपस में विरोध प्रदर्शन रोकने वाले नियम को समाप्त किया जाए, विश्वविद्यालय परिसर में विवादित पोस्टर लगाने के लिए लगाए गए 50 हजार रुपये के जुर्माने को रद्द किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले किसी भी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
