जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 28 पर्यटकों की नृशंस हत्या के बाद भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मधुबनी से दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकी चाहे जहां भी छिपे हों, उन्हें चुन-चुन कर मिटा दिया जाएगा। इसी कड़ी में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अल्ताफ लल्ली को बांदीपोरा में सेना ने ढेर कर दिया है। लल्ली कश्मीर में लश्कर की आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड था।
पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हिंदू पहचान पूछकर की गई पर्यटकों की बर्बर हत्या के बाद सेना ने न केवल लल्ली को मार गिराया बल्कि हमले में शामिल आतंकी आसिफ के घर को भी ध्वस्त कर दिया है। इसके बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और खैबर पख्तूनख्वा तक फैले आतंकी ठिकानों में खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर को भी खाली कराया गया है और उसके कई टॉप कमांडरों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
पाकिस्तानी आतंकी संगठन भारत की संभावित सर्जिकल स्ट्राइक से घबराए हुए हैं। 2019 के बालाकोट हमले की याद उन्हें सता रही है। इसीलिए PoK में मौजूद तमाम आतंकी ट्रेनिंग कैंप और लॉन्च पैड्स को रातोंरात खाली करवा दिया गया है। भारत की सख्त चेतावनी और सैन्य तैयारियों ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया है।
पीएम मोदी ने मधुबनी की जनसभा में कहा, “भारत हर आतंकवादी और उसके सरगना की पहचान करेगा और उसे मिट्टी में मिला देगा। दुनिया में कहीं भी छिपे हों, वे बच नहीं पाएंगे।” यह बयान भारत की बदलती नीति और आतंक पर जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
पहलगाम की घटना के बाद दुनियाभर में भारत के साथ एकजुटता देखने को मिल रही है। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार जताया और कहा कि आतंक को समर्थन देने वालों को अब चुप नहीं बैठने दिया जाएगा। भारत अब निर्णायक युद्ध की तैयारी में है।