आईपीएल फाइनल के दबाव में गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की बल्लेबाजी बुरी तरह फ्लॉप हो गई। RCB के दमदार गेंदबाजी अटैक के आगे साई सुदर्शन से लेकर शुभमन गिल और जोस बटलर जैसे इंटरनेशनल खिलाड़ी बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे। अहमदाबाद में खेले जा रहे फाइनल मैच में गुजरात की टीम केवल 155 रन ही बना पाई।
ऐसे बहुत ज्यादा मौके नहीं रहे हैं, जब किसी टीम ने आईपीएल फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रनों का स्कोर खड़ा किया हो। इतिहास के बजाय वर्तमान को देखें तो फाइनल में गुजरात टीम की मुश्किल बढ़ गई है, क्योंकि उसे विराट कोहली और रजत पाटीदार जैसे स्टार बल्लेबाजों से सुसज्जित आरसीबी के दमदार बैटिंग लाइन-अप के आगे 155 रनों के स्कोर का बचाव करना है।
क्या कभी IPL फाइनल में इतना कम स्कोर डिफेंड हुआ है?
जीतने का जज्बा हो तो भला कौन सी मुश्किल को पार नहीं किया जा सकता। आईपीएल 2017 के फाइनल में मुंबई इंडियंस की टीम इस कहावत पर खरी उतरी थी। एमआई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 129 रन बनाए थे, लेकिन सामने राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स को चैंपियन बनने के लिए छोटे सा लक्ष्य हासिल करना था।
उस मुकाबले में मिचेल जॉनसन और जसप्रीत बुमराह ने कहर बरपाते हुए पुणे सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी को तहस नहस कर दिया था। मुंबई ने वह मुकाबला अंतिम गेंद पर एक रन से जीता था। मुंबई ने 129 का छोटा सा स्कोर डिफेंड कर लिया था। आईपीएल 2026 के फाइनल में तो गुजरात ने फिर भी 155 रन बनाए हैं।
IPL फाइनल में डिफेंड हुए सबसे कम स्कोर
इस marchandize में साफ दिखता है कि IPL फाइनल में 155 रन डिफेंड करना नामुमकिन नहीं है। मुंबई ने 2017 में 129 रन का लक्ष्य भी डिफेंड कर चैंपियन बना था। गुजरात के पास 155 रन हैं, जो 129 से 26 रन अधिक हैं। अगर गुजरात की गेंदबाजी टीम आरसीबी की बल्लेबाजी लाइन-अप को दबाव में ला सके, तो जीत संभव है।
विराट कोहली और रजत पाटीदार जैसे बल्लेबाजों के आगे गुजरात की गेंदबाजी को बेहद सावधानी से बल्लेबाजों को आउट करना होगा। आखिरी गेंद तक मैच का नतीजा Anyone’s game हो सकता है। गुजरात को जीतने के लिए सिर्फ रन नहीं, बल्कि दमदार गेंदबाजी और रणनीति की भी जरूरत होगी।
