Home देश राजनीति उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 कर दीजिए: Akhilesh Yadav

उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 कर दीजिए: Akhilesh Yadav

उत्तराखंड सरकार ने गुलामी के प्रतीक चिह्नों को हटाने और ब्रिटिश कालीन नामों को बदलने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार जिलों के 15 स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 कर देना चाहिए।

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Akhilesh Yadav

देवभूमि उत्तराखंड में गुलामी के प्रतीक चिह्न हटाने के साथ ही विभिन्न स्थानों के ब्रिटिशकालीन नाम बदलने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को चार जिलों हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर के 15 स्थानों के नाम बदलने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की।

स्थानों के नाम बदलने को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धामी सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे अखिलेश ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा- उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 करने देना चाहिए। उत्तर प्रदेश का नाम भी उत्तराखंड से उन्हें जोड़ देना चाहिए।’

औरंगजेबपुर बना शिवाजी नगर

बता दें सीएम धामी ने जिन स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की है। इनमें नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी भी शामिल है, जिसे अब कौशल्या पुरी के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह हरिद्वार का औरंगजेबपुर अब शिवाजी नगर व नैनीताल में नवाबी रोड को अब अटल मार्ग के नाम से जाना जाएगा।

जोशीमठ को किया गया ज्योतिर्मठ

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप विभिन्न स्थानों का नामकरण किया जा रहा है। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश सरकार समेत कुछ अन्य राज्यों ने भी अपने नाम बदलने की शुरुआत की थी। इसके पश्चात उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों के नाम बदले गए। इनमें घाट नगर पंचायत का नाम बदलकर नंदानगर किया गया तो जोशीमठ को ज्योतिर्मठ नाम दिया गया।

पहले से उठ रही थी नाम बदलने की मांग

इस बीच राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानों, सड़कों व शहरों के गुलामी के प्रतीक चिह्नों को हटाने के क्रम में नाम बदलकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप नामकरण की मांग उठती रही है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 15 स्थानों के नाम परिवर्तित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि इससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे।

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