धौलपुर में 8वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, स्कूल में कहासुनी के बाद उठाया कदम; पुलिस जांच में जुटी

राजस्थान के धौलपुर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां आठवीं कक्षा के एक छात्र ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल में एक छात्रा से हुई मामूली कहासुनी के बाद छात्र मानसिक रूप से आहत हो गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

यह घटना धौलपुर जिले के बाड़ी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महाराजा बाग कॉलोनी की है। पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के टकरौली गांव निवासी 16 वर्षीय राहुल (पुत्र रामगोपाल) बाड़ी शहर में अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। परिवार ने बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से उसे रिश्तेदारों के पास भेजा था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गुरुवार को स्कूल में राहुल की एक छात्रा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद के दौरान छात्रा ने राहुल को कथित तौर पर “कलुआ” कहकर संबोधित किया, जिससे वह काफी आहत हो गया। घटना के बाद राहुल सीधे अपने कमरे पर लौट आया। माना जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव में उसने कमरे में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम के बाद राहुल अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों और आसपास के लोगों को चिंता हुई। खिड़की से झांककर देखने पर राहुल का शव फंदे से लटका मिला। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही बाड़ी कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव अंतिम संस्कार के लिए उन्हें सौंप दिया गया।

उप निरीक्षक हरवीर सिंह ने बताया कि छात्र की मौत फांसी लगाने से हुई है। फिलहाल पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था। यदि आवश्यक हुआ तो स्कूल के छात्रों और शिक्षकों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।

इस घटना ने एक बार फिर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, स्कूलों में संवेदनशील व्यवहार और समय पर भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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